नीमच में पुलिस से बहस करते व्यापारी के परिजन।
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नीमच की कृषि उपज मंडी में गुरुवार को राजस्थान के बारां पुलिस की आमद हुई। पुलिस ने यहां गोदामों की जांच की और एक व्यापारी को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई है। आरोप है की बारां के व्यापारी के साथ नीमच की 7-8 फर्मों ने धोखाधड़ी की है। इसके चलते कोर्ट ने व्यापारियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के आदेश दिए थे। उसी को लेकर राजस्थान पुलिस नीमच पहुंची थी।
राजस्थान बारां से आए सब इंस्पेक्टर कैलाश यादव ने बताया कि लगभग दो साल पहले बारां के लहसुन व्यापारी निर्मल नागर ने कोर्ट में केस दायर किया था। इसमें नीमच की 7-8 फर्मों के व्यापारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इन व्यापारियों ने मिलकर निर्मल नागर के साथ धोखाधड़ी की थी। मामले में कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ धारा 420 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसी मामले में लहसुन व्यापारी अभिषेक पिता जगदीशचंद्र कुमरावत निवासी इंदिरा नगर को पकड़ा है। अभिषेक पर आरोप है कि उसने करीब 29 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। राजस्थान के बारां जिले के लहसुन व्यापारी निर्मल नागर ने दो साले पहले नीमच कृषि उपज मंडी की सात फर्मों से लहसून खरीदी थी। इसमें करीब 90 लाख रुपये का लहसून रतन आर्या ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से खरीदा था। 2017 में लहसुन की खरीदी-बिक्री हुई थी। इसके बाद रुपयों का लेन-देन नहीं किया। मामला कोर्ट में चला। कोर्ट के आदेश पर थाना कोतवाली बारा में धारा 420 सहित 464 व 406 में अपराध दर्ज किया।
परिजनों ने किया विरोध
राजस्थान की बारां पुलिस जब व्यापारी अभिषेक को गिरफ्तार कर नीमच सिटी थाने ले गई तो सूचना पर अभिषेक के परिजन भी सिटी थाने पहुंचे। यहां अभिषेक के परिजनों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए जमकर बहस की। बारां पुलिस पर इसका कोई असर नहीं हुआ। व्यापारी को वह अपने साथ लेकर रवाना हो गई।