मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस और भाजपा ने प्रदेश की 230 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आगामी 17 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेशभर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां नरसिंहपुर पहुंचा है, जहां सुबह के वक्त आम मतदाताओं से अमर उजाला ने चर्चा की और अब अमर उजाला युवाओं के बीच उनके मुद्दे जानने के लिए पहुंचा है।
अंकुर कोठारी कहते हैं कि नरसिंहपुर में मवेशियों की सबसे बड़ी समस्या है। सड़कों पर मवेशी घूमते रहते हैं, जिसके चलते लोग हादसों के शिकार हो रहे हैं। अंशुल नेमा कहते हैं कि जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखे। यहां सिर्फ एक ही स्टेडियम है, जिसमें सुविधाएं नहीं हैं। वहीं, सभी लोग जाते हैं। ट्रैफिक की समस्या है। सड़कों पर शाम को चलने के लिए जगह नहीं होती। शाम से लेकर रात तक वनवे ट्रैफिक होना चाहिए।
सर्वेंद्र कहते हैं कि नरसिंहपुर में विकास का आभाव है। वित्त मंत्री केंद्रीय मंत्री रहे लेकिन यहां के विकास के बारे में कोई नहीं सोचता। हमारे जिले के नर्मदा क्षेत्रों में भी विकास नहीं है। लोग नर्मदा परिक्रमा के लिए आते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं का आभाव है। सड़कों की हालत खराब है। स्वच्छता का आभाव है। छोटी-छोटी सड़कें इस जिले की पहचान बन गई हैं। सीवर लाइन का काम जारी है, सड़कें खराब हो रखी हैं।
आशुतोष रघुवंशी कहते हैं कि खेल की सुविधाओं की बेहतरी के लिए काम होने चाहिए। यहां खेलों के लिए सुविधाएं नहीं हैं, क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों के टूर्नामेंट नहीं होते हैं। नवल कहते हैं कि ट्रैफिक और प्रदूषण शहर की बड़ी समस्या है, इन दिक्कतों से निजात मिलना चाहिए।