नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील से 15 किलोमीटर दूर विस्थापित गांव नया माना में रविवार को एक अनोखा विवाह देखने को मिला। जहां दूल्हा सजी-धजी बैलगाड़ी पर सवार होकर अपनी जीवनसंगी के घर बारात लेकर पहुंचा।
आदिवासी सांस्कृतिक रीति-रिवाज पारंपरिक प्रथा आज भी ग्रामीण क्षेत्र में जीवित है। इसी प्रथा को जिंदा रखते हुए आदिवासी समाज द्वारा बैलगाड़ी को सजा कर बारात निकालते हैं। इस तरह की बैलगाड़ी से बारात लगने की जानकारी लगने पर आसपास के गांव के लोग बारात को देखने बड़ी संख्या में पहुंचे।
बैलगाड़ी को पूरी तरह सजाया गया था। साथ ही बैलों को भी खूबसूरत तैयार किया गया था। वहीं, बारात में आदिवासी अपनी परंपरा अनुसार जमकर झूमे और नाचे। दूल्हा आनंद भल्लावी ने बताया कि उसकी स्वयं की इच्छा थी कि जब भी उसकी शादी होगी, वह आजकल के दिखावों से परे अपनी बारात पुरानी रीति-रिवाज की तरह सजी सवंरी बैलगाड़ी से निकालेगा।