फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नम्रता का हुआ था रेप, पुलिस ने बंद की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने तत्कालीन साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले को जांच योग्य नहीं माना और जांच बंद कर दी। पुलिस ने इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी हवाला दिया था। जिसमें कुछ भी असामान्य नहीं पाया गया था।
विज्ञापन


लेकिन घटना में नया मोड़ उस समय आ गया जब नम्रता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर बीबी पुरोहित ने कहा कि उसके शव को देखकर इस ऐसा लग रहा था जैसे मौत से पहले उससे बलात्कार का प्रयास किया गया हो। हो सकता है उससे बलात्कार भी किया गया हो।

डॉक्टर के अनुसार उसकी मौत गला दबने के कारण दम घुटने से हुई थी। वहीं डॉक्टर के इस खुलासे के बाद दोबारा जांच की घोषणा करने वाली पुलिस के रवैये पर उंगली उठ गई है।
विज्ञापन

टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्‍ली

व्यापम घोटाले की जांच करने गए पत्रकार अक्षय की रहस्यमयी मौत के बाद एमबीबीएस छात्र नम्रता दामोर की मौत फिर सुर्खियों में आ गई है। साल 2012 में उज्जैन के रेलवे ट्रैक पर मिली नम्रता की लाश के दो साल बाद व्यापम घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ ने उसे भी आरोपी बनाया था।

पुलिस ने उसकी मौत को आत्‍महत्या कहकर फाइल बंद कर दी थी। वहीं अब नाटकीय घटनाक्रम के तहत नम्रता हत्याकांड की दोबारा जांच शुरू करने वाली उज्‍जैन पुलिस ने 24 घंटे में ही जांच बंद कर इसे सामान्य मौत बता दिया है।

जबकि नम्रता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने अब यह कहकर सनसनी मचा दी है कि मौत से पहले उसके साथ बलात्कार भी हुआ हो सकता है। डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि उसकी मौत गला दबने से हुई थी।
विज्ञापन

नम्रता के पिता का इंटरव्यू करने गए थे पत्रकार अक्षय

बता दें कि नम्रता का शव जनवरी 2012 में उज्जैन में पटरी किनारे पड़ा मिला था। उस समय पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। जबकि परिजन इसे हत्या का मामला मान रहे थे। लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब उसका नाम व्यापम घोटाले के आरोपियों में आया।

मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने उसे आरोपी बनाते हुए कहा कि उसने फर्जी तरीके से मेडिकल में एडमिशन लिया था। इसी मामले में छात्रा के परिजनों का इंटरव्यू करने के लिए अक्षय उसके घर झबुआ गए थे।

जहां उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही नम्रता की मौत चर्चाओं में बनी हुई थी। मंगलवार को उज्जैन के एसपी मनोहर वर्मा ने पुलिस को उसकी मौत की जांच दोबारा करने के आदेश दिए थे, लेकिन 24 घंटे बाद ही पुलिस की थ्योरी इस कहानी में बदल गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें