मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश विधानसभा के शीत कालीन सत्र के तीसरे दिन कोरोना काल के बिजली बिलों और प्रदेश में जारी खाद संकट को लेकर कांग्रेस विधायक आक्रामक मूड में दिखाई दिए। उन्होंने इन दोनों ही मुद्दों पर सदन में हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए वॉकआउट भी किया। दोनों ही मुद्दों को ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया गया था।
विधानसभा में कांग्रेस के पीसी शर्मा, आरिफ अकील, कमलेश्वर पटेल और शशांक भार्गव ने ध्यानाकर्षण के जरिए कोरोना काल में बढ़-चढ़कर आए बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। शशांक भार्गव ने आरोप लगाया कि सिर्फ बिजली कनेक्शन दिया। मीटर तो लगाया ही नहीं। अब 70-70 हजार रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि ऐसे सभी प्रकरणों की जांच की जाएगी। हालांकि, कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए। बिजली बिल माफी की मांग करते हुए नारेबाजी की और वॉकआउट किया। मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि लोक अदालत में सरकार 30 फीसदी बिल माफ कर रही है, जबकि कोरोना का शत-प्रतिशत बिल माफ होना चाहिए।
पीसी शर्मा और कमलेश्वर पटेल ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जब मुख्यमंत्री नहीं बने थे, तब उन्होंने कोरोना के दौरान बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी। सरकार में आते ही वे अपनी घोषणा से पलट गए। कांग्रेस ने ग्रामीण इलाकों में कोरोना काल में आए बिलों को माफ करने, खराब पड़े ट्रांसफॉर्मर और खंबों को ठीक करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर समय पर यह नहीं हुआ तो सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी।
खाद के मुद्दे पर भी वॉकआउट
कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत खाद की कमी का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि मैं पहली बार का विधायक हूं। मेरी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हमारे मंत्री जी अमर्यादित हो रहे हैं। इसे लेकर सदन में हंगामा हुा। सिकरवार ने पूछा क समितियों की जांच कर जानकारी कब मिलेगी? पूरे प्रदेश में खाद की कमी है। खाद की जगह किसानों को लट्ठ मिल रहे हैं। इस पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने जवाब में कहा कि हम सिर्फ किसानों को खाद दे रहे हैं। इस वजह से लाइन लग रही है। जो किसान हैं, उन्हें ही खाद दी जा रही है। कांग्रेस विधायकों डॉ गोविंद सिंह, सतीश सिकरवार और आरिफ अकील के ध्यानाकर्षण के बाद रविंद्र सिंह तोमर और राकेश माबाई ने भी आरोप लगाया कि खाद की कमी की वजह से फसलें खराब हो रही हैं। जो खाद लेने गए उन्हें लाठियां मिली। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। सरकार के मंत्री सही जवाब नहीं दे रहे और धमकी भरे लहजे से बात कर रहे हैं।