फिल्मों में तो ऐसा अक्सर देखा होगा जब एक ही हीरो से शादी करने के लिए दो बहनें किसी भी हद से गुजर जाती हैं, कुछ किस्से ऐसे भी हैं जब एक युवक को पाने को एक बहन ने दूसरी के खून से अपने हाथ रंग दिए। लेकिन मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के छोटे से गांव में एक दूसरी ही कहानी ने जन्म लिया है। कहानी ऐसी की हर किसी को अंदर तक झकझोर दे। प्यार और समर्पण की ऐसी दास्तान जो शर्तिया आपकी आंखों में आंसू ला देगी।
यहां दो बहनों ने एक ही युवक के नाम की मेहंदी अपने हाथों पर लगाई। उसी के नाम का लाल जोड़ा पहना और उसके साथ ही दोनों बहनों ने शादी के सात फेरे लिए। त्याग और रिश्तों के इस अनोखे संगम पर वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम थी।
चलिए अब आपको विस्तार से बताते हैं पूरा मामला। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिले श्योपुर में दो बहनों ने एक ही युवक से शादी की। इनमें से बड़ी बहन भभूती जन्मजात विकलांग है, उसके दोनों हाथ पूरी तरह विकसित नहीं हैं।
बहन की इस अक्षमता का अंदाजा उसकी छोटी बहन कविता को भी था इसलिए उसने शर्त रख दी कि वह उसी व्यक्ति से शादी करेगी जो उसकी बहन से भी शादी करने को तैयार होगा। कुछ झंझावातों के बाद दोनों बहनों की जिंदगी में खैर वो वक्त भी आया जब कोई उनका हाथ थामने को तैयार हुआ।