मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर शनिवार को भोपाल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्यप्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। मुरुगन ने 14 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। भाजपा ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को इस सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट का कार्याकाल अप्रैल 2030 तक रहेगा।
12 नवंबर को होगा मतदान
राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 2 नवंबर निर्धारित है। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 5 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता होने पर मतदान 12 नवंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा। इसी दिन शाम 5 बजे मतगणना की जाएगी। मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 65 विधायक हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किए गए हरदीप सिंह पुरी का आज नामांकन पत्र दाखिल कराया गया। यह हम सभी के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश को उनके जैसे अनुभवी, वरिष्ठ एवं कुशल नेतृत्व का साथ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरदीप सिंह पुरी भारत सरकार में एक मंत्री और कुशल प्रशासक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता निश्चित रूप से केंद्र सरकार के साथ-साथ मध्यप्रदेश के विकास के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल एवं जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय सहित प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों एवं सभी विधायकों ने उपस्थित रहकर नामांकन प्रक्रिया में सहभागिता की और इस संकल्प को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होने जा रहा है। हम सभी बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि हरदीप सिंह पुरीको इस निर्वाचन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त हो और उनके अनुभव का लाभ मध्यप्रदेश को भी मिले। मेरी ओर से हरदीप सिंह पुरी को हार्दिक बधाई।
पेट्रोकेमिकल से मेट्रो तक विकास परियोजनाओं में योगदान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में हरदीप पुरी के योगदान का उल्लेख करते हुए पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, आवास और शहरी विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को रेखांकित किया। इनमें बीना रिफाइनरी का विस्तार और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स प्रमुख है। करीब 49 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 सितंबर 2023 को किया था। शहरी विकास के क्षेत्र में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, सतना और उज्जैन का स्मार्ट सिटी मिशन में चयन भी महत्वपूर्ण रहा। वहीं भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी थी। करीब 14,442 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए अगस्त 2019 में त्रिपक्षीय समझौता हुआ।
अमृत योजना में 12,963 करोड़ की परियोजनाएं
प्रदेश में अमृत 2.0 के तहत दिसंबर 2024 तक 12,963 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत वाली 1,273 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। इनका उद्देश्य शहरों में पेयजल, सीवरेज और नगरीय सुविधाओं का विस्तार करना है। इसके अलावा वर्ष 2021 से 2026 के बीच प्रदेश में 35 इथेनॉल डिस्टिलरी और 15 कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। विमानन क्षेत्र में भी ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और भोपाल से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। इनमें उड़ान योजना के तहत ग्वालियर-बेंगलुरु और ग्वालियर-कोलकाता हवाई सेवाओं की शुरुआत, इंदौर-किशनगढ़ सीधी उड़ान तथा जबलपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और भोपाल एयरपोर्ट के एटीसी टावर से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में भी प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में भोपाल को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में स्थान मिला, जबकि इंदौर ने सुपर स्वच्छ लीग में जगह बनाई।