मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे चुनावों का समय नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजियां तीखी होती जा रही हैं। खंडवा पहुंचे कमलनाथ का बयान तो यही दर्शा रहा है। कमलनाथ ने कहा है कि सब समझ लें, कल के बाद परसों भी आता है। किसको ठिकाने लगाना है, आने वाला समय तय करेगा।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ शुक्रवार को खंडवा जिले के हरसूद पहुंचे थे। कमलनाथ ने इस दौरान सीएम शिवराज सिंह पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने कहा कि हमारा प्रदेश अपराध प्रदेश बना हुआ है। यह बेरोजगारी में नंबर वन, अपराध में नंबर वन, कानून और अव्यवस्था में नंबर वन ये अपने प्रदेश का हाल है। शिवराज सिंह जिनकी झूठ की मशीन चलती है अब वे डबल स्पीड से चल रही है, क्योंकि ये आखरी पांच महीने बचे हुए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लेकर भी कमलनाथ ने कहा कि ये जो घोषणाएं करते हैं ये अपने पाप धो रहे हैं। पर पाप का घड़ा तो भरा हुआ है, और ये आज प्रदेश की तस्वीर सबके सामने है। एमपी आज घोटालों का प्रदेश बना है अपराध का प्रदेश बना है यह हाल इन्होंने प्रदेश का कर दिया है।
कमलनाथ है 2030 का मॉडल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में मंच से संबोधित करते हुए कहा कि सब भाजपा के नेता समझ लें, सब अधिकारी समझ लें, सब पुलिस समझ लें कि कल के बाद परसों भी आता है। किसको ठिकाने लगाना है, किसने जुल्म किया है वो आगे का समय फैसला करेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ 2018 का मॉडल नहीं है, कमलनाथ 2030 का मॉडल है।
हरसूद बना भ्र्ष्टाचार की राजधानी
खंडवा के हरसूद में आमसभा को संबोधित करने पहुंचे पुर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह और उनके शासन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने हरसूद के विकास को लेकर कहा कि 33 सालों से हरसूद व्यपार का केंद्र था, लेकिन इसका आज क्या हाल है, आज यह आदिवासी पलायन की राजधानी बन गया है, भ्र्ष्टाचार की राजधानी बन गया है। इसी के साथ ही कमलनाथ ने खंडवा के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र खालवा को लेकर भी कहा कि यह कुपोषण की राजधानी बन गया है, अन्याय की राजधानी बन गया है। अवैध रेत खनन की राजधानी बन गया है। उन्होंने कहा कि हरसूद के लोग कहते हैं कि किस प्रकार से यह धोखे की राजनीति है, गुमराह करने की, बरगलाने की, छिपाने की, जुल्म की राजनीति है।
प्रदेश की पहचान है सौदे की राजनीति से
कमलनाथ ने कहा कि हमारी 15 महीने की सरकार थी, जिसमें ढाई महीने लोकसभा की आचार संहिता में चला गया। 15 साल बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी, लेकिन सौदा कर लिया और सरकार बना ली। उन्होंने कहा कि मैं भी मुख्यमंत्री था, मैं भी सौदा कर सकता था। विधायकों ने मुझसे बात की थी, लेकिन मैं मध्य प्रदेश की पहचान सौदे की राजनीति से नहीं करना चाहता था। आज हमारे लोगो को डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है। पांच महीने और हैं, याद रखें, कल के बाद परसों भी आता है।