महिलाओं के उत्थान और उनके सम्मान के लिए मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार बढ़चढ़कर दावे करती है, लेकिन उन दावों की हकीकत इससे जुदा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार विधवाओं को जो पेंशन देती है उसमें रोजाना एक कप चाय पीना भी संभव नहीं है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार एक आरटीआई में मांगी गई सूचना में इस बात का खुलासा हुआ है कि विधवा महिलाओं को सरकार की ओर से जो पेंशन दी जा रही है वो मात्र 150 रुपये प्रतिमाह यानी पांच रुपये रोजाना है। ऐसे में पांच रुपये रोजाना में तो वर्तमान में एक कप चाय पीना भी मुश्किल है।
सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रशेखर गौर ने आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी। वह कहते हैं कि सरकार जिनती पेंशन युवा विधवाओं को दे रही है उतने में तो उनके लिए रोज एक चाय पीना भी संभव नहीं है।