जनपद पंचायतों के अध्यक्ष के चुनावों में दोनों पार्टियों ने अपने-अपने दावे किए हैं। भाजपा कह रही है कि दूसरे चरण के बाद कुल प्रदेश की 313 सीट में से 226 पर उनका अध्यक्ष जीता है। एक सीट मंदसौर की गरोठ में कोर्ट का स्टे है। वहीं, कांग्रेस ने भी 167 जीतने का दावा ठोक दिया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रही है।
दरअसल, पंचायत चुनावों में दलीय प्रत्याशी नहीं होते। इस वजह से जनपद पंचायतों में जो जीतकर आए हैं, उनके भाजपा या कांग्रेस का होने का दावा किया जा रहा है। दोनों ही पार्टियों इन चुनावों में अपनी सफलता का ढिंढोरा पीट रही है। दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी से जुड़े नेताओं को अध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत दिख रही हैं। कुछ जगहों पर क्रॉस वोटिंग भी हुई और भाजपा ने कांग्रेस की जीती-जिताई सीटों पर अपना कब्जा जमाया। भाजपा ने दावा किया है कि दूसरे चरण में 142 में 102 पर भाजपा, 29 पर कांग्रेस, 11 पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है। 1 मंदसौर की गरोठ सीट पर कोर्ट का स्टे है।
शिवराज के जिले में भाजपा का परचम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में सीहोर, नसरुल्लागंज, इछावर, आष्टा, बुधनी सभी जनपदों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार चुने जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ अपने गृह जिले छिंदवाड़ा में अपना जनपद भी हार गए। शिकारपुर, मोहखेड़ जनपद में आता है और वहां भाजपा समर्थित उम्मीदवार कृष्णा डिगरसे जनपद अध्यक्ष चुने गए हैं। छिंदवाड़ा में अमरवाड़ा और बिछुआ जनपद में बुधवार को हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी पहले ही जीत हासिल कर चुकी है।
भाजपा का दावा झूठा: कांग्रेस
मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि बीजेपी जनपद पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की मतगणना को लेकर एक बार फिर से झूठे दावे कर रही है। बुधवार को भी भारतीय जनता पार्टी ने 121 जनपद पंचायत जीतने का झूठा दावा किया था। इसे तथ्यों सहित कांग्रेस पार्टी ने आपके सामने झूठ साबित कर दिया था। आज भी यही स्थिति है। अभी तक की स्थिति में कांग्रेस पार्टी 10 जनपद पंचायत जीत चुकी है। शाम को पूरे तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट की जाएगी।