मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदान का शुक्रवार को तीसरा और आखिरी चरण है। वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू हुई, जो तीन बजे तक चलेगी। तीसरे चरण में 39 जिलों की 92 विकासखंडों की 6,607 ग्राम पंचायतों में वोटिंग हो रही है। आखिरी चरण में एक करोड़ 13 लाख 11 हजार 479 वोटर 'गांव की सरकार' चुनेंगे। वोटिंग को लेकर मतदाताओं में उत्साह दिख रहा है। सुबह 11 बजे तक 40 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। सतना और भिंड में फर्जी मतदान को लेकर बवाल हुआ। दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस को बीचबचाव करना पड़ा।
भिंड के गोरमी क्षेत्र में फर्जी मतदान को लेकर प्रत्याशियों के समर्थक भिड़ गए। पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा। वहीं, गुना में आरोन जनपद में चुनाव के दौरान सिरसी गांव में प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी बृजेश माथुर की पिटाई कर दी। उन पर निर्वाचन गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए सवाल पूछने का आरोप है। सतना में मैहर जनपद पंचायत के देवरा में दो प्रत्याशियों के समर्थकों में झड़प हो गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले में अपनी विधानसभा क्षेत्र बुधनी के गृह ग्राम जैत में परिवार के साथ पंचायत चुनाव के लिए मतदान किया। ग्राम जैत की पंचायत समरस पंचायत है। इस पंचायत के सभी पंच और सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं। ग्राम जैत से बुधनी जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक-13 से जनपद सदस्य का निर्वाचन भी निर्विरोध हुआ है। जिला पंचायत सदस्य के वार्ड क्रमांक-14 के उम्मीदवार के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।
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24 वर्षीय रागिनी दीक्षित इंदौर में जॉब करती हैं। उसने भी छतरपुर जिले के मऊसहानियां पहुंचकर वोट डाला।
- फोटो : अमर उजाला
मुरैना में गड़बड़ियां न हो, इसलिए बुलडोजर के साथ फ्लैग मार्च
मुरैना में उपद्रव को लेकर आगाह करने के लिए प्रशासन ने अनूठा रास्ता निकाला। उन्होंने बुलडोजर के साथ फ्लैग मार्च निकाला। संदेश साफ है कि अगर उन्होंने किसी तरह का उपद्रव किया तो यह बुलडोजर उनके अवैध मकानों को ध्वस्त कर देंगे। मुरैना में इससे पहले हुए मतदान में उपद्रव हुआ था। तहसीलदार समेत छह लोग घायल हुए थे। प्रशासन को बुलडोजर चलाना पड़ा था।
शुजालपुर में सहायक पीठासीन अधिकारी की मौत
शुजालपुर में सहायक पीठासीन अधिकारी राधेश्याम डडानिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई। रात दो बजे तबियत बिगड़ने पर उन्हें सिटी सिविल अस्पताल ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित किया गया। वहीं दमोह में मतदानकर्मी अशोक कुमार झारिया को सोते समय एक सांप ने डंस लिया।
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छतरपुर के नौगांव में वोटिंग के लिए लगी लंबी कतारें।
- फोटो : अमर उजाला
मतदाता पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के भाग्य का फैसला करेंगे। एक मतदाता चार वोट डाल रहे हैं। दोपहर तीन बजे तक वोटिंग होगी। इसके बाद काउंटिंग शुरू हो जाएगी। जबकि परिणाम की घोषणा 14 जुलाई को होगी। पोलिंग बूथ पर 40 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी है। कुल 20 हजार 608 पोलिंग बूथ पर मतदान हो रहा। इनमें से 3,059 बूथ संवेदनशील हैं।
तीसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य के 243, जनपद पंचायत सदस्य के 1,955, सरपंच के 6,607 और पंच के 1 लाख 5 हजार 293 पद हैं। इनमें से कुछ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन से जिला पंचायत सदस्य के 242, जनपद पंचायत सदस्य के 1916, सरपंच के 6,408 और पंच के 22,378 पद के लिए निर्वाचन होगा। पंच के 14 हजार 699 पदों पर कोई नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त नहीं हुए है।
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सड़क नहीं तो वोट नहीं। सतना के भटिगवां गांव के ग्रामीण मतदान केंद्र से 100 मीटर दूर बैठे हैं। कोई भी वोट डालने नहीं जा रहा।
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सतना में सड़क न होने से ग्रामीणों ने किया बहिष्कार
सतना जिले के भटिगवां पंचायत में मतदान बूथ पर एक भी मतदाता नहीं पहुंचा। सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव बहिष्कार किया है। यह मामला मैहर विकासखंड के भटिगवां ग्राम पंचायत के उफरी गांव के पोलिंग बूथ 233 का है। चुनाव से पहले भी ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने का ऐलान किया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने समस्या के निदान के लिए कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीण बूथ से 100 मीटर दूर बैठे हैं। मतदान के दो घंटे से ज्यादा समय बीत गया, मगर एक भी मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचा। अभी तक कोई अधिकारी भी ग्रामीणों को मनाने नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों की मांग है कि कलेक्टर आकर लिखित आश्वासन दें कि गांव की सड़क बनेगी, तभी मतदान करेंगे। सतना के मैहर रामपुर बघेलान जनपद में सुबह सात बजे से मतदान चल रहा है। पोलिंग बूथों में सुबह से लंबी लंबी कतार लगी हुई है। जिला पंचायत के 9 सदस्य और जनपद के 50 और 212 पंचायत के सरपंच और पंच के लिए मतदान चल रहा है।
भिंड के महोरी का पुरा में चुनाव का बहिष्कार
भिंड जिले के गोहद में ग्राम पंचायत शेरपुर के गांव महोरी का पुरा में ग्रामीणों ने गांव में सड़क की मांग को लेकर पोलिंग बूथ क्रमांक 81 पर चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। ग्राम पंचायत शेरपुरा के गांव महोरी का पुरा के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है। गांव का पोलिंग बूथ सूना नजर आया। खुद पोलिंग एजेंटों ने भी बहिष्कार का समर्थन करते हुए मताधिकार त्याग दिया। मतदान केंद्र की सूची में 480 वोटर थे, जबकि किसी ने भी वोट नहीं दिया। ग्रामीणों ने साफ किया कि उनके गांव की समस्याओं को जब तक हल नहीं किया जाएगा तब तक वोट नहीं दिया जाएगा। गांव में सड़क, स्कूल की सफाई, शमशान की व्यवस्था जैसे मुद्दे हैं।