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MP Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई 9 दिसंबर को 

Tue, 07 Dec 2021 05:02 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने दो याचिकाओं पर की सुनवाई। सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी गई है। 
 
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मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंचायत चुनावों पर राज्य सरकार के अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अब 9 दिसंबर को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ और जस्टिस विजय शुक्ला की बेंच से याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। इस पर निर्देश जारी किए गए हैं। 
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भोपाल के मनमोहन नायर और गाडरवारा के संदीप पटेल ने अलग-अलग याचिकाओं में प्रदेश में तीन चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को चुनौती दी है। इस याचिका में मप्र सरकार की ओर से हाल ही में जारी अध्यादेश को भी चुनौती दी गई है। इस अध्यादेश के जरिए कमलनाथ सरकार के समय तय पंचायत चुनाव प्रक्रिया को पलटते हुए पुराने परिसीमन के आधार पर चुनाव कराने की बात कही गई है। याचिका में कहा गया है कि मप्र सरकार का अध्यादेश कांग्रेस पंचायत चुनाव अधिनियम का उल्लंघन करता है। इस वजह से इसे रद्द किया जाए। 

याचिका में यह भी कहा गया है कि पंचायत एक्ट में रोटेशन व्यवस्था का प्रावधान है। पहले की तरह आरक्षण करना पंचायत एक्ट के रोटेशन की व्यवस्था के खिलाफ है। इसके अलावा 2018 में निवाड़ी जिला बना है। बिना सीमांकन किए नए जिले में पंचायत चुनाव नहीं करवाए जा सकते। दोनों याचिकाओं पर जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।  
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हाईकोर्ट में क्यों है यह मामला? 
शिवराज सिंह चौहान सरकार ने पिछले दिनों पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश 2021 को मंजूरी दी थी। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई थी। इसके अनुसार जहां एक साल से चुनाव नहीं हुए हैं, ऐसी पंचायतों के परिसीमन को निरस्त कर दिया गया है। इन जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों में पुरानी ही व्यवस्था रहेगी। यानी आरक्षण व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। जो जैसा था, वैसा ही रहेगा। कमलनाथ सरकार ने सितंबर 2019 में प्रदेश में जिले से ग्राम पंचायतों तक नया परिसीमन लागू किया था। इसके बाद 1,200 नई पंचायतें बनी थीं। 102 ग्राम पंचायतों को समाप्त कर दिया था। 1,950 पंचायतों की सीमा में बदलाव हुए थे। याचिकाओं में इसी अध्यादेश को चुनौती दी गई है। 

कब होंगे पंचायत चुनाव? 
पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की तारीखें घोषित की थी। 6 जनवरी को पहले चरण, 28 जनवरी को दूसरे चरण और 16 फरवरी 2022 को तीसरे चरण का मतदान होगा। 9 जिलों में एक चरण में, 7 जिलों में दो चरणों में और 36 जिलों में तीन चरणों में चुनाव होंगे। प्रदेश में 3.92 करोड़ मतदाता है, जो पंचायत चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 4.25 लाख कर्मचारी यह चुनाव कराएंगे। 52 जिलों में 859 जिला पंचायत सदस्य, 313 जनपदों के 6,727 जनपद पंचायत सदस्य, 22 हजार 581 सरपंच, 3 लाख 62 हजार 754 पंचों का चुनाव होगा। 114 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मार्च 2022 के बाद पूरा होगा, इस वजह से उनके चुनाव बाद में किए जाएंगे।  
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