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MP Politics: ब्राह्मणों को नाराज नहीं करना चाहती भाजपा, जानें उमा के करीबी नेता पर लिए एक्शन के पीछे का गणित

सार

प्रीतम लोधी के ब्राह्मणों को देवतातुल्य बताते हुए माफी मांगने के बावजूद संगठन ने उनको बर्खास्त करने की कार्रवाई करने में समय नहीं लगाया। ऐसे में चर्चा है कि उमा भारती के खास माने जाने वाले प्रीतम लोधी को नापने से क्या एमपी में ब्राह्मण खुश हो जाएंगे। 
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प्रीतम लोधी पर भाजपा की सख्ती के कई मायने निकाले जा रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उमा भारती के करीबी माने जाने वाले प्रीतम लोधी के ब्राह्मणों पर दिए बयान से बीजेपी मध्य प्रदेश में असहज हो गई है। लोधी के बयान का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी नेता पहले चुप्पी साधे रहे फिर लोधी को नोटिस थमा दिया। खास बात यह है कि प्रीतम लोधी के ब्राह्मणों को देवतातुल्य बताते हुए माफी मांगने के बावजूद संगठन ने उनको बर्खास्त करने की कार्रवाई करने में समय नहीं लगाया। ऐसे में चर्चा है कि उमा भारती के खास माने जाने वाले प्रीतम लोधी पर कार्रवाई से क्या एमपी में ब्राह्मण खुश हो जाएंगे। 

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मध्य प्रदेश में आगामी 2023 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। बीजेपी ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के वोटर को लुभाने की कोशिश में जुटी हुई है। इसमें कांग्रेस भी पीछे नहीं है। बीजेपी किसी वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती है। उसकी ब्राह्मण वोटरों पर भी नजर है। ब्राह्मण वोटर भी प्रदेश में निर्णायक भूमिका में हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण वोटरों के बटने से बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई थी। अब वह किसी प्रकार की रिस्क लेना नहीं चाहेगी। बीजेपी ने ब्राह्मणों को साधने के लिए पार्टी के उच्च पदों पर बैठाया है। लोधी के बयान के बाद ब्राह्मण संगठनों ने ग्वालियर, भिंड और विदिशा में विरोध प्रदर्शन किए। अब बीजेपी के एक्शन को लेकर चर्चा तेज हो रही है। 

60 सीटों पर ब्राह्मणों का सीधा प्रभाव
प्रदेश में 2018 विधानसभा चुनाव के आंकड़े के अनुसार प्रदेश में 40 लाख के करीब ब्राह्मण वोटर हैं। यह कुल वोट बैंक का 10 प्रतिशत के करीब है। जो विंध्य, महाकौशल, चंबल और मध्य क्षेत्र की 60 से अधिक सीटों पर सीधा प्रभाव डालते हैं। प्रदेश में 15 महीने बाद चुनाव हैं। ऐसे में यदि ब्राह्मण बीजेपी से नाराज होता है तो बीजेपी के लिए 2023 का रास्ता मुश्किल हो जाएगा। 
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इसलिए त्वरित कार्रवाई 
मध्य प्रदेश में ब्राह्मणों को साधने के लिए सत्ताधारी बीजेपी ने चार प्रमुख पदों में तीन पर ब्राह्मण को बैठाया है। प्रीतम लोधी पर तेजी से कार्रवाई के पीछे की वजह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद पर वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री के पद पर हितानंद शर्मा का बैठा होना है। बीजपी ने प्रदेश में जिस प्रकार से ओबीसी को साधा है, वह ब्राह्मणों को नाराज नहीं करना चाहती है। वैसे भी प्रीतम लोधी ब्राह्मण समाज के लिए जिस अभ्रद भाषा का उपयोग किया है, उनके साथ लोधी समाज के लोग भी खड़े नहीं होंगे। बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष पद पर गिरीश गौतम को बैठाया हुआ है। 

यह कहा था प्रीतम लोधी ने 
17 अगस्त का शिवपुरीे के बदरवास के खरैह गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रीतम लोधी ने ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसका एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें लोधी कहते सुनाई दिए कि ब्राह्मण 7 से 8 घंटे पागल बनाएगा और हम बनते भी हैं। वे कहते हैं कि जितना दान दोगे, ऊपर वाला आपको देगा। महिलाएं घर का घी, शक्कर, दालें भी पंडित को दे आएंगी। अपने बच्चे को नहीं खिलाएंगी। लोधी ने यह भी कहा कि पंडित घर की सुंदर महिलाओं पर भी बुरी नजर रखते हैं। बता दें प्रीतम लोधी शिवपुरी की पिछोर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ा, लेकिन वज जीत नहीं सकें। 

बागेश्वर धाम महाराज ने जताई नाराजगी
कथावाचक बागेश्वर धाम बीजेपी नेता के बयान से गुस्सा हैं। उन्होंने नेता द्वारा दिए गए बयान पर सख्त आपत्ति जताते हुए समाज से बहिष्कार करने की बात कही है। उन्होंने कहा, मेरे सामने अगर वो नेता आया तो मैं उसे मसल दूंगा। बागेश्वर धाम के नाम से मशहूर और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने बीजेपी नेता के डीएनए पर शंका व्यक्त की।

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