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MP News: शिक्षक बनने आदिवासी महिला ने दिया सरपंच पद से इस्तीफा, अब आदिवासी बालिकाओं के लिए करेंगी काम

Fri, 21 Apr 2023 07:06 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

सुधा का चयन सरपंच पद पर निर्विरोध हुआ था। आदिवासी समाज से आने वाली सुधा अपने समाज और गांव के लिए कुछ करने की चाह में ही सरपंच बनी थीं। लेकिन जब उनका चयन आदिवासी अंचल में वर्ग 3 के शिक्षक पद पर हो गया तो उन्होंने बच्चों में शिक्षा का उजियारा फैलाने की अपनी चाह के चलते सरपंच पद से इस्तीफा देकर खंडवा ज्वाइनिंग कर ली। 
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खंडवा में शिक्षक पद पर जॉइनिंग देने पहुंचीं सुधा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश की एक महिला सरपंच को आदिवासी बालिकाओं के लिए काम करने की ऐसी ललक जगी कि उन्होंने इसके लिए सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया है। वे दमोह जिले से निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने खंडवा में शिक्षक बनने का विकल्प चुना है और वे इससे आदिवासी बालिकाओं का भविष्य संवारने का माध्यम बनाना चाहती हैं। 
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हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पथरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सैजरा लखरौनी में सरपंच पद पर रहीं सुधा की। सुधा ने आदिवासी बालिकाओं के लिए राजनीति से मुंह फेर लिया है। सुधा खंडवा जिले के खालवा ब्लॉक के गुलाई माल में स्थित आश्रम स्कूल में शिक्षिका के रूप में बच्चों के भविष्य में उजियारा लाएंगी। 

बता दें कि खंडवा जिले में शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ग 3 के पद पर नियुक्ति के लिए दस्तावेजों का परीक्षण का कार्य चल रहा है। इसी बीच जनजातीय कार्य विभाग खंडवा के सहायक आयुक्त उस समय चौंक गए, जब मध्य्प्रदेश के दमोह जिले से आई एक नवनियुक्त शिक्षिका के दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। दरअसल महिला शिक्षिका के दस्तावेजों में सरपंच पद से दिया गया इस्तीफा भी शामिल था, जिसकी पड़ताल करने पर मालूम चला के महिला अब तक दमोह जिले के पथरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सैजरा लखरौनी में सरपंच पद पर थीं। महिला सुधा का चयन सरपंच पद पर निर्विरोध हुआ था। आदिवासी समाज से आने वाली सुधा अपने समाज और गांव के लिए कुछ करने की चाह में ही सरपंच बनी थीं। लेकिन जब उनका चयन आदिवासी अंचल में वर्ग 3 के शिक्षक पद पर हो गया तो उन्होंने बच्चों में शिक्षा का उजियारा फैलाने की अपनी चाह के चलते सरपंच पद से इस्तीफा देकर खंडवा ज्वाइनिंग कर ली। फिलहाल सुधा ने खंडवा जिले के खालवा ब्लॉक के गुलाई माल स्थित आश्रम स्कूल में आमद दे दी है। इनका कहना है कि सरपंच रहकर तो मैं एक गांव का ही विकास कर पाती। लेकिन, अब शिक्षिका बनकर कई बच्चों के जीवन में बदलाव ला सकूंगी। 
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खंडवा में जॉइनिंग देने पहुंचीं सुधा। सुधा ने सरपंच पद का त्याग कर शिक्षक बनने का रास्ता चुना है। - फोटो : सोशल मीडिया
प्राथमिक शिक्षक पद पर हुआ चयन 
जनजातीय कार्य विभाग खंडवा के सहायक आयुक्त विवेक कुमार पांडेय ने बताया कि नव नियुक्त शिक्षिका सुधा दमोह जिले से ज्वाइन करने खंडवा आई थीं। उनके अभिलेख चेक करते समय उसमे सरपंच पडी से दिया गया इस्तीफा भी शामिल था। वे जनजातीय वर्ग से आती हैं और परीक्षा देकर अब प्राथमिक शिक्षक के पद पर चयनित हुई हैं। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग को चुनते हुए ज्वाइनिंग ली है। 

शिक्षक बनना थी पहली प्राथमिकता 
सहायक आयुक्त ने बताया ने सुधा से बातचीत के दौरान वे उनसे काफी प्रभावित हुए, क्योंकि सुधा ने बताया कि वे आदिवासी समाज की महिला हैं और वे आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा के लिए काम करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षक बनना उनकी पहली प्राथमिकता थी जिसके लिए उन्होंने अपने सरपंच पद को ठुकरा कर इस्तीफा दे दिया।
 
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