शहडोल के कारोबारी और उनकी पत्नी की सड़क हादसे में मौत हो गई।
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मध्यप्रदेश के शहडोल में दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि चार साल का मासूम बच्चा अपनी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है। हालत नाजुक होने से वेंटिलेटर पर है। जब वे शहडोल से जबलपुर लौट रहे थे तभी उनकी कार ट्रक से टकराकर नदी में जा गिरी।
जानकारी के मुताबिक सर्वोदय मार्केट व बाबा मोबाइल दूकान के संचालक कार्तिकेय अग्रवाल उर्फ़ बेटू शनिवार की सुबह शहडोल से जबलपुर गए थे। वहां पत्नी शिक्षिका पत्नी कीर्ति अग्रवाल को डॉक्टर को दिखाने के बाद चार साल के बेटे विभू अग्रवाल के साथ अपने ससुराल पाटन रोड पर स्थित बांकल गांव चले गए। परिवार समेत वो रविवार को बांकल से अपने घर शहडोल लौट रहे थे तभी नौरोजाबाद के समीप जोहिला पुल पर एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी, जिससे वह गाड़ी समेत नदी में जा गिरे। इस हादसे मे घटनास्थल पर ही कार्तिकेय व उनकी पत्नी कीर्ति की मौत हो गई। जबकि गाड़ी में सवार उनका चार साल का बेटा वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। उसकी हालत भी नाजुक बनी हुई है।
इस हृदय विदारक हादसे की जानकारी अभी तक कार्तिकेय की मां लक्ष्मी अग्रवाल (72) को नहीं दी गई है। वहीं कार्तिकेय का बड़ा बेटा आभू अग्रवाल (8) अपने परिजनों के साथ जबलपुर नहीं गया था वह अपनी दादी के साथ यहीं शहडोल में था। उसे भी अभी तक हादसे की जानकारी नहीं दी गई है।
पीएम के बाद घर लाया जाएगा शव
बेटू अग्रवाल अपने घर के इकलौते चिराग थे। उनकी एक बहन है जो पुणे में रहती है। उन्हें हादसे की जानकारी घटना के तुरंत बाद दे दी गई थी। बताया जा रहा है कि वो कुछ देर में शहडोल पहुंचेंगी। इसके बाद आगे का कार्य किया जाएगा। दंपती का पोस्टमार्टम काराकर शव उमरिया में ही रखा गया था। जब बहन समेत अन्य सगे संबंधी शहडोल पहुंच जाएंगे तब शव शहडोल लाया जाएगा। यह जानकारी भी मिली है कि
बाबा मोबाइल के संचालक बेटू अग्रवाल को आज फिर से जबलपुर जाना था। शहर में करोड़ों की जमीन संबंधी कोई मामला हाईकोर्ट में चल रहा है जिसके सिलसिले में उन्हें अपने साथियों के साथ सोमवार की सुबह फिर से जबलपुर जाना था।
मां को सदमा लगने का सता रहा सभी को डर
बाबा मोबाइल सर्वोदय मार्केट में है। सर्वोदय मार्केट के भी मालिक बेटू अग्रवाल ही थे। उनके निधन की खबर सुनते ही मार्केट में सन्नाटा छा गया था। बेटू के दोस्तों ने मार्केट को फिर से खुलवाया और बेटू की दुकान बाबा मोबाइल को भी खुलवाया ताकि घर में अकेली रह रही 72 वर्षीय मां को किसी भी प्रकार से घटना की जानकारी नहीं लगे। इसलिए ऐसा किया गया है। सबको डर है कि अपने जवान बहू बेटे की मौत की खबर सुनकर मां का क्या होगा। बहरहाल पूरा शहर मातम में डूबा हुआ है।