मंत्रालय भवन, वल्लभ भवन, भोपाल
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में नर्सिंग कॉलेजों को लेकर एक याचिका दायर की गई। इस संबंध में 9 मई 2022 को आदेश जारी किया था। जिसके पालन में सत्र 2020-21 में मान्यता प्राप्त नर्सिंग कॉलेजों को अकादमी भवन, छात्रावास, लैब, उपकरण, संबंद्ध अस्पताल के समस्त आवश्यक दस्तावेज एवं फोटो (वर्तमान स्थिति में) तथा नर्सिंग कॉलेज के अन्य आवश्यक समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए 10 मई को ई-मेल के माध्यम से सभी संस्थाओं को भेजा गया था। संबंधित संस्थाओं की तरफ से मेल का कोई जवाब ही नहीं दिया। हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर संबंधित संस्थाओं के 2021-22 की मान्यता को निलंबित कर दिया गया। इस संबंध में मध्य प्रेदश नर्सेस रजिस्ट्रेशन कौंसिल भोपाल की तरफ से आदेश जारी किए गए।
93 में भोपाल के 8 नर्सिंग कॉलेज
नर्सेंस कौंसिल की तरफ से मान्यता निलंबित करने वाले नर्सिंग कॉलेजों में 16 कॉलेज इंदौर, आठ भोपाल, एक आगर मालवा, तीन अशोक नगर, तीन बालाघाट, सात बड़वानी, दो बैतूल, चार छतरपुर, एक छिंदवाड़ा, एक दमोह, पांच धार, एक हरदा, एक होशंगाबाद, सात जबलपुर, एक झाबुआ, दो खंडवा, दो खरगौन, दो मंडला, एक मंदसौर, दो पन्ना, एक रायसेन, दो रतलाम, तीन रीवा, चार सतना, दो सीहोर, एक सिवनी, एक शहडोल, तीन टीकमगढ़, दो उज्जैन, एक उमरिया और तीन विदिशा के कॉलेज शामिल है।