उपयंत्री ने मामले की जानकारी दी
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कटनी नगर निगम सहित तीन नगर परिषदों पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा नालियों के गंदे पानी को नदी पर सीधे छोड़ जाने से नाराज होकर उन पर करोड़ों का जुर्माना लगा दिया है। दरअसल, कटनी में नदियों के पानी को शुद्ध बनाए रखने के लिए शहर और नगर की नालियों में बहता गंदा पानी नदियों में न छोड़कर उसे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम पेड़ पौधों में डाला जाए या नदी में छोड़ा जाए।
लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन गंदा पानी नदियों में छोड़ता रहा, जिसकी जांच रिपोर्ट बनाकर मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कटनी द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल सौंप दी। जानकारी के अनुसार, एनजीटी द्वारा प्रकरण क्रमांक 606 पर सुनवाई करते हुए कटनी नगर निगम पर दो करोड़ 44 लाख, कैमोर नगर परिषद पर एक करोड़ 44 लाख, विजयराघवगढ़ नगर परिषद पर 64 लाख तो बरही नगर परिषद पर 44 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया है।
आपको बता दें, एनजीटी द्वारा सभी नगर निगम और परिषदों को दिसंबर 2020 तक एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने के निर्देश जारी किए हुए थे। लेकिन इसका पालन न तो कटनी नगर निगम ने किया न ही कटनी जिले की अन्य तीन नगर परिषदों ने। इस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी भोपाल द्वारा कटनी नगर निगम सहित तीनों नगर परिषदों पर चार करोड़ 96 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया है, जिसकी एक प्रति संबंधित कार्यालयों के साथ कलेक्टर को मिली है।
हालांकि, जुर्माने की राशि अभी तक किसी भी नगर परिषद या नगर निगम ने जमा नहीं कराई है। इस पर कलेक्टर अवि प्रसाद ने जुर्माना की राशि जमा करने और समय रहते सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की बात कही है।