हटा के जनपद अध्यक्ष को बैठक में शामिल होने के लिए पैरोल मिली।
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दमोह जिले की हटा जनपद पंचायत अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल को सामान्य सभा की बैठक में शामिल होने के लिए हटा जेल से चार घंटे की पैरोल मिली। इसके बाद वह हटा जनपद कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल हुए। विकास कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा हुई। उन प्रस्तावों को पास किया गया।
इस बैठक में जनपद उपाध्यक्ष राजकुमारी चिरोलिया अनुपस्थित रही जबकि सभी 16 जनपद सदस्य और हटा जनपद सीईओ बिरतेश जैन मौजूद रहे। बैठक के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। मीडिया को भी ज्यादा देर रुकने नहीं दिया। बैठक खत्म होने के बाद आरोपी जनपद अध्यक्ष को वापस जेल भेज दिया गया।
जेल में रहते हुए ली थी शपथ
हटा के नवनिर्वाचित जनपद अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल ने जेल में रहकर ही जनपद सदस्य का चुनाव गैसाबाद क्षेत्र से लड़ा और निर्वाचित हुए थे। जेल में रहते ही जनपद अध्यक्ष चुने गए। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की अनुमति मिली थी। उसके बाद से वह जेल में बंद हैं और बुधवार को उन्हें चार घंटे की पैरोल मिली।
कांग्रेस नेता की हत्याकांड में है आरोपी
हटा के कांग्रेसी नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में पथरिया विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह, देवर चंदू सिंह और अन्य परिजनों के साथ जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण पटेल के बेटे और वर्तमान में हटा जनपद अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल का नाम भी आरोपी हैं। वह पिछले तीन साल से हटा जेल में हैं। यह हत्याकांड इतना संवेदनशील है कि इसकी सुनवाई हटा न्यायालय के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। पहले इस मामले में पथरिया विधायक रामबाई के पति का नाम विवेचना के दौरान काट दिया गया था। बाद में न्यायालय के निर्देश पर पुनः आरोपी बनाया गया। उसके बाद वह फरार हो गया था। भिंड जिले में गोविंद सिंह ने अपना एक वीडियो वायरल करते हुए पुलिस के सामने समर्पण किया था।