उमरिया में कीचड़भरी सड़क से गुजरते बच्चे।
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम रामपुर अधियार के बच्चों की शिक्षा में सड़क बाधक बन रही है। गांव की सड़क इतनी बुरी हालत में है कि बड़ों का निकलना मुश्किलों भरा हो जाता है। इसी कीचड़भरे रास्तों से होकर बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं।
बता दें कि उमरिया जिले के करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत उंचेहरा के ग्राम रामपुर अधियार के ग्रामीण और छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। स्कूल जाने में छात्र रोते हुए जाते हैं, ऐसा नहीं है कि छात्रों में पढ़ने की ललक नहीं है। छात्र पढ़ना चाहते हैं लेकिन कीचड़ से भरे हुए रास्ते उनके लिए अड़चन बन रहे हैं। घुटने के ऊपर तक कीचड़ भरा रास्ता से होते हुए मासूम छात्र विद्यालय जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों की मानें तो निर्माणाधीन एनएच 43 मार्ग का बीते आठ सालों से निर्माण कर रही कंपनी ने गांव के क़ई स्थलों से मिट्टी-मुरुम का खनन किया है। इसके बाद इसी मार्ग से बड़े बड़े वाहनों की मदद से परिवहन किया गया है और परिणामस्वरूप पूरी सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई। इसके बाद इस मार्ग की हालात बद से बदतर है। ग्रामीणों की मानें तो ग्राम रामपुर अधियार के ग्रामीणों ने क़ई बार कंपनी के जिम्मेदारों से जर्जर सड़क को मरम्मत कराने का भी निवेदन किया है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। इस मार्ग से वाहन तो दूर ग्रामीणों का निकलना भी दुश्वार है, जिस वजह से ग्रामीण खासे परेशान हैं। ग्रामीणों की मांग है कि कंपनी पर कार्रवाई करते हुए गांव की मुख्य जर्जर मार्ग को अविलंब दुरुस्त कराया जाए ताकि बच्चों का भविष्य सुधर सके।