मप्र के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस
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मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इकबाल सिंह बैंस को दो बार छह छह माह के लिए सेवावृद्धि दी गई। यह सेवावृद्धि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने दी।
अभी प्रदेश में आचार संहिता लागू है। ऐसे में अब अगले मुख्य सचिव के नाम का फैसला चुनाव आयोग की अनुमति से ही लिया जाएगा कि इकबाल सिंह बैंस को तीसरी सेवावृद्धि दी जाए या फिर वरिष्ठता के आधार पर नए अधिकारी को प्रभार दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि मुख्य सचिव के पद की वर्तमान स्थिति को लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।
बैंस के बाद वरिष्ठ हैं ये अधिकारी
सीएस इकबाल सिंह बैंस के बाद वरिष्ठों में 1987 बैच के आईएएस अधिकारी अजय तिर्की, 1988 बैच के संजय बंधोपाध्याय और 1988 बैच की आईएएस वीरा राणा हैं। इसमें से अजय तिर्की और संजय बंधोपाध्याय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। राणा के बाद 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन आते हैं। वे भी अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके बाद मोहम्मद सुलेमान का नंबर आता है। 1985 बैच के आईएएस अधिकारी इकबाल सिंह बैंस को दो बार सेवावृद्धि दी जा चुकी हैं।
सीएस को लेकर जल्द हो सकता है निर्णय
प्रदेश में अगले मुख्य सचिव के नाम को लेकर जल्द निर्णय हो सकता है। तीन दिसंबर को प्रदेश में मतगणना है। ऐसे में यदि इकबाल सिंह बैंस को सेवावृद्धि दी जाती है तो एक माह के लिए होगी। दरअसल, दिसंबर के पहले सप्ताह में 16वीं विधानसभा गठित हो जाएगी। नई सरकार अपने हिसाब से मुख्य सचिव बनाएगी। वहीं, यदि किसी अधिकारी को प्रभारी सीएस बनाया जाता है तो यह पहली बार होगा कि एक सीएस की निगरानी में मतदान और दूसरे की देखरेख में मतगणना होगी।