दमोह जिले के अंतर्गत आने वाले मडियादो में शुक्रवार रात को तेंदुए ने तीन अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीणों पर हमला किया। इसमें करीब 10 से अधिक ग्रामीण घायल हुए हैं। घायलों को जख्मी हालत में हटा अस्पताल लाया गया। कुछ घायलों का इलाज मडियादो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ।
तेंदुए ने जब ग्रामीणों पर हमला किया, तब एक पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए उससे भिड़ गया। उस समय तक लड़ता रहा, जब तक तेंदुआ भाग नहीं जाता। पिता घायल हो गया, लेकिन बेटी की जान बच गई है। मडियादो बफर क्षेत्र प्रबंधन ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की जानकारी ली। चार लोगों को तात्कालिक सहायता राशि भी प्रदान की। घटनास्थल की जांच की जा रही है। हमला करने के बाद तेंदुआ अंधेरे में भाग गया है। उसकी तलाश सुबह भी होती रही।
बेटी की चीख सुनकर निकला घर से बाहर
मडियादो में ही संतु बंसल नामक ग्रामीण घर में था। उसकी बेटी पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। मां ने शोर मचाया। यह शोर सुनकर संतु बाहर निकला। उसने देखा कि बेटी पर तेंदुए ने हमला किया है। वह तेंदुए से भिड़ गया। इस बीच घायल भी हुआ। पत्नी ने बताया कि वह देर रात निस्तार के लिए लड़की के साथ बाहर गई थी, तभी तेंदुए ने हमला किया था।
यह हुए घायल
तेंदुए ने पहले झोऊदा-इमलिया में आठ ग्रामीणों पर हमला किया। उसके बाद चार किमी दूर पाठा गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला किया। फिर मडियादो के दर्राटोला में एक महिला पर हमला किया। करीब 15 किमी के दायरे में यह हमले किए गए हैं। घायलों में संतु बंसल, पानबाई बंसल, भागवती, कमलारानी आदिवासी, गोरीबाई पति छिंगा आदिवासी, सरस्वती आदिवासी, कल्पना, पानबाई, श्यामलाल, दसरथ, पुरुशोत्तम, शामिल है। इनमें गोरीबाई की हालत गंभीर है।
पन्ना में आने के बाद से बढ़े हमले
मडियादो जब से पन्ना टाइगर रिजर्व में शामिल हुआ है, यहां जंगली जानवरों के हमले बढ़ गए हैं। जानवर रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं। रेंजर एचएच भार्गव ने बताया कि तेंदुए के हमले से एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए हैं। कुछ घायल सीधे हटा चले गए। कुछ घायलों का इलाज मडियादो में कराया है ।