मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के प्रमोशन के लिए मंगलवार को मंत्रालय में डीपीसी हुई। इसमें मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलमान और डीजीपी सुधीर सक्सेना मौजूद थे। डीपीसी में स्पेशल डीजी, डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी के पद के लिए अलग-अलग बैच के अधिकारियों के नाम पर विचार किया गया।
डीपीसी में 1990 और 1991 बैच के अधिकारी स्पेशल डीजी और 1999 बैच के अधिकारियों को एडीजी, 2006 बैच के आईपीएस आईजी, 2009 और 2010 बैच के अधिकारी को डीआईजी के पद पर पदोन्नति करने पर विचार किया गया। इसमें 1990 बैच के आईपीएस अफसर अनुराधा शंकर सिंह, विजय कटारिया, बीडी शर्मा, 1991 बैच की अधिकारी प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, वरुण कपूर, उपेंद्र जैन और अलोक रंजन को स्पेशल डीजी बनाने पर विचार किया गया।
वहीं, इसमें 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश गुप्ता, दीपिका सूरी, निरंजन बी वायगणकर के नाम पर विचार किया गया। हालांकि, निरंजन बी वायगणकर की एक मामले में जांच चल रही है, जिसकी वजह से अभी वह पदोन्नत नहीं हो पाएंगे। आईजी के लिए 2006 बैच के अरविंद सक्सेना, अनुराग शर्मा, मिथलेश शुक्ला, अनिल कुशवाह, आरआरएस परिहार, रुचिवर्धन मिश्रा, चंद्रशेखर सोलंकी, एन चित्रा, राजेश हिंगणकर, अंशुमान सिंह, मनीष कपूरिया के नामों पर विचार किया गया। डीआईजी के लिए आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ बहुगुणा, निमिष अग्रवाल, मोहम्मद यूसुफ कुरैशी, अतुल सिंह, सतेन्द्र शुक्ला, तुषारकांत विद्यार्थी,अमित सांघी, साकेत पांडे, वीरेंद्र सिंह, प्रशांत खरे, आबिद खान, आशुतोष प्रताप सिंह के नाम पर विचार किया गया। 2011 बैच के आईपीएस अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड देने पर भी चर्चा हुई।