पहले के लोगों ने कोई पहल नहीं की...
हिनौती गांव की सरपंच नीता अहिरवार ने बताया कि गांव की आबादी दो हजार है। गांव से सटा निस्तारी तालाब है, जो ढाई हेक्टेयर में फैला है। यह पुरानी परंपरा है, पहले के लोगों ने कोई पहल नहीं की, इसलिए आज भी ऐसी स्थिति बनी हुई है। गांव में ठाकुर 1200, बंसल 200, प्रजापति 25 और चौधरी परिवार के 450 घर हैं। गांव में चार हैंडपंप हैं, लेकिन चारों बंद, गांव में जो पानी की टंकी बनी थी, उसमें दरारें आ गई हैं। चार हैंडपंप में पानी नहीं निकला। ऐसे में निस्तारित तालाब और लंबरदार का कुआं पानी के लिए रह जाता है, जिसके सहारे पूरा गांव रहता है।
ग्रामीण रूप सिंह ने बताया कि तालाब का उपयोग नहाने-धोने के लिए होता है। पीने का पानी भरने गांव से 600 मीटर दूर कुएं पर जाते हैं, वहां पर जिस समाज के लोग पहले पहुंचते हैं वे पहले पानी भर लेते हैं। उसके बाद दूसरी समाज के लोग पानी भरते हैं। दमोह जनपद सीईओ विनोद जैन का कहना है, इस प्रकार की किसी प्रथा के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वह गांव जाएंगे और ग्रामीणों से बात करेंगे और यदि कोई शिकायत करता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।