सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र के मोहत्रा गांव में सीमांकन के दौरान दो लोगों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि राजस्व निरीक्षक अभिषेक धुर्वे शासकीय जमीन की नाप जोख के लिए गांव गए हुए थे। जहां फसल के नुकसान को लेकर रामचरण केवट (50 वर्ष) और रामकरण केवट (52 वर्ष) ने विरोध जताया तो चार आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस घटना में दोनों किसानों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही जांच शुरू कर दी है। सतना जिला अस्पताल में भर्ती पीड़ित ने बताया कि सरकारी जमीन की नाप जोख हो रही थी, हमने मना किया कि अभी फसल लगी हुई है अभी मत करवाइए, गर्मी में नाप जोख करा लीजिएगा। इसके बाद आरोपियों ने हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए एक और किसान पर हमला बोल दिया। इस दौरान दो लोग घायल हो गए। पीड़ित ने कहा कि ग्रामीणों के बीच-बचाव के कारण दबंग युवक मौके से भाग गए और जाते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस को जानकारी दे दी गई है।
सुविधा शुल्क वसूल करते हैं राजस्व कर्मचारी
बता दें, जिला और तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते जिले में जमीन विवाद के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अफसरों के निर्देश के बाद भी कानूनगो और लेखपाल नाप और पत्थर नसब कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका नतीजा है कि आए दिन जमीन के विवाद में खून बह रहा है। जमीन के विवाद में राजस्व विभाग के कर्मचारी बगैर सुविधा शुल्क लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं, जिससे भूमि विवादों का निपटारा नहीं हो पा रहा है।
आपराधिक घटनाओं में हर तीसरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा
सतना जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं में हर तीसरा मामला जमीन से जुड़ा होता है। जमीन पर अवैध कब्जा, हिस्से के बंटवारे को लेकर विवाद कभी-कभी गंभीर रूप ले लेता है। राजस्व विभाग के अफसरों को जमीन का विवाद देखते ही बुखार आ जाता है। तहसीलों में एसडीएम की लापरवाही से छोटे-छोटे मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।