इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ संस्था दानपात्र का नाम
- फोटो : सोशल मीडिया
स्वच्छता में सिरमौर इंदौर के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। शहर की संस्था दानपात्र का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। दानपात्र जरुरतमंदों की मदद करती है। संस्था दीपावली पर मिशन
'251 के' (251 K) एवं स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मिशन
"151के' (151 K) रखा गया था जिसके माध्यम से एक ही दिन में लगभग 2.51 लाख एवं 1.51 लाख जरूरतमंद परिवारों तक कपड़े, खिलौने, किताबें, राशन एवं अन्य जरूरत का सामान पहुंचाकर मदद की गई थी। इसके लिए संस्था का नाम दो बार इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
टीम के सदस्यों का कहना है कि यह सिर्फ दानपात्र टीम के लिए ही नहीं बल्कि पूरे इंदौर शहर के लिए बहुत ही गौरव की बात है कि इंदौर शहर का नाम स्वच्छता के साथ साथ मदद में भी नंबर वन बन गया है। साथ ही इंदौर शहर की कई बड़ी उपलब्धियों में एक और नाम दर्ज हो गया है। संस्था दानपात्र जरुरतमंदों की मदद के लिए सदैव तैयार रहती है। संस्था के प्रयासों से लाखों बेघर बेसहारा परिवारों की जिंदगी बेहतर बन पाई है। संस्था दानपात्र एक ऑनलाइन निशुल्क एप के माध्यम से काम करती है, जिसकी मदद से घरों में उपयोग में न आ रहे सामान जैसे कपड़े, खिलौने, किताबें, जूते, बर्तन इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, फर्नीचर एवं अन्य सामान को कलेक्ट कर उपयोग लायक बना जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाता है।
15 लाख से ज्यादा जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचाई मदद
दानपात्र संस्था के माध्यम से विगत चार वर्षों से सेवा कार्य कर लगभग 15 लाख से ज्यादा जरुरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई जा चुकी है एवं लगभग 1.5 लाख से ज्यादा इंदौरवासी सामान डोनेट कर चुके हैं। इससे सात हजार से ज्यादा वालंटियर्स जुड़े हुए हैं। दानपात्र के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे सिर्फ एक फोन पर या दानपात्र एप में रिक्वेस्ट डालने पर सामान डोनेट कर सकता है। दानपात्र की पारदर्शिता से कार्य करने की वजह से इंदौर के साथ-साथ विदेशों से भी लोग सामान डोनेट कर रहे हैं। दानपात्र देने वाले और लेने वालों के बीच सेतु बनकर दोनों की ही मदद कर रहा है इससे घरों में उपयोग में न आ रहे सामान को फेंकने से बचा कर जरुरतमंद परिवारों तक पहुंचाकर उनकी मदद की जा रही है।