फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी: फर्जी पासपोर्ट मामले में एसटीएफ ने रायसेन से दबोचा संदिग्ध, नकली दस्तावेज से घूमा थाईलैंड-म्यांमार

Sat, 03 Oct 2026 09:48 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

एसटीएफ ने फर्जी भारतीय पासपोर्ट नेटवर्क की जांच में रायसेन से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। ये संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट के दम पर म्यांमार और थाईलैंड की यात्राएं कर चुका है। जांच में अब तक सात जिलों में 76 फर्जी पासपोर्ट की जानकारी सामने आई है।
विज्ञापन
फर्जी पासपोर्ट मामले में एसटीएफ ने पकड़ा एक और संदिग्ध - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की पड़ताल में लगी स्पेशल टास्क फोर्स की टीम को अहम सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने के आधार पर रायसेन जिले से पचास वर्षीय संदिग्ध राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को पकड़ा है। एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क के संबंधों का पता लगा रही है।

विज्ञापन


फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट
पकड़ा गया संदिग्ध राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले का रहने वाला है। पहले वह बहुजन संघर्ष दल (बसद) का प्रदेश महासचिव भी रह चुका है। लगभग तीन साल पहले राहुल ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी और नृत्या भंते के नाम से मठों में रहना शुरू कर दिया था। पहचान छिपाने के बाद उसने भोपाल के अशोक बुद्ध विहार के पते का उपयोग किया और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इन फर्जी दस्तावेज का सहारा लेकर उसने वर्ष 2025 में पासपोर्ट बनवा लिया। इसी पासपोर्ट के माध्यम से उसने थाईलैंड और म्यांमार की यात्राएं भी की थीं।

ये भी पढ़ें: एमपी: भोपाल में विधायक प्रीतम लोधी के बंगले में चोरी, ताला तोड़कर एक्टिवा, सिलेंडर और नल की टोटियां ले गए चोर
विज्ञापन


लगातार बदल रहा था ठिकाने
एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि संदेही राहुल प्रकाश कई दिनों से अपना ठिकाना बदल-बदलकर रायसेन क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने उसे पकड़ा। जांच एजेंसी अब उसके सभी दस्तावेज, बैंक खातों और पासपोर्ट में दर्ज विदेश यात्राओं के विवरण की जानकारी जुटाने का काम कर रही है। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि वह किन-किन लोगों के लगातार संपर्क में बना हुआ था और उसने भंते का रूप धारण क्यों किया था। हालांकि एसटीएफ की ओर से अभी उसकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विज्ञापन


सात जिलों में फैला नेटवर्क
बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट तैयार कराने के इस नेटवर्क की पड़ताल में एसटीएफ के सामने अब तक प्रदेश के सात जिलों में 76 फर्जी पासपोर्ट बनने की जानकारी आ चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि राज्य में सबसे अधिक 40 फर्जी पासपोर्ट भोपाल के पते पर बनाए गए हैं। इसके अलावा डबरा क्षेत्र से 17 और बैतूल जिले से 11 फर्जी पासपोर्ट बनाए गए हैं। एसटीएफ की टीम फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की जांच में लगी हुई है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें