मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी और इस दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में करीब एक लाख पदों पर सीधी भर्तियां करेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के साथ गहन समन्वय स्थापित करके इन भर्तियों का व्यापक रोडमैप तैयार कर लिया है। इस भर्ती अभियान के तहत राज्य सरकार सबसे अधिक नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग और गृह विभाग के पुलिस बल में करेगी।
सरकार यह पूरी भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से संचालित कराएगी। चयन में लगने वाले समय को कम करने के लिए सरकार समान श्रेणी के विभिन्न पदों को एक ही समूह में एकीकृत करेगी। अभ्यर्थियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन उनके दस्तावेज का सत्यापन पोर्टल के जरिये ऑनलाइन माध्यम से कराएगा।
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विभागवार पदों का ब्योरा
राज्य सरकार वर्ष 2028 तक कुल ढाई लाख भर्तियों के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। आधिकारिक विवरण के अनुसार शासन अब तक करीब 80,000 पदों पर नियुक्तियां पूर्ण कर चुका है। आगामी भर्ती अभियान के तहत सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के 18,000 पदों पर नियुक्तियां करेगी। वहीं गृह विभाग में आरक्षक, सब-इंस्पेक्टर, सूबेदार सहित अन्य संवर्गों के 18,834 पदों को भरने की रूपरेखा बनी है। ऊर्जा विभाग में सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, टेस्टिंग असिस्टेंट और अन्य तकनीकी श्रेणी के 3,969 पद शामिल हैं। राजस्व विभाग के अंतर्गत तहसीलदार, सहायक संवर्ग, सामान्य प्रशासन विभाग के सहायक ग्रेड-तीन और स्टेनोग्राफर के पदों पर भर्ती होगी, जिनकी अंतिम संख्या प्रशासन जल्द तय करेगा। इसके अलावा वन, परिवहन, सहकारिता, श्रम और नगरीय विकास एवं आवास विभाग में लगभग 1,200 पदों पर भर्ती कराने का प्रस्ताव शासन ने तैयार किया है।
लंबित भर्तियों की चुनौती
राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से जुड़े कानूनी विवाद के कारण 13,000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां अटकी हुई हैं। पूर्व में सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, किंतु स्पष्ट कानूनी स्थिति के अभाव में एक विशेष फार्मूला लागू किया था। इसके तहत सरकार ने ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों में से 13 प्रतिशत पदों के परिणाम और नियुक्तियां रोक दी थीं। कुछ विभागों में इस व्यवस्था से प्रक्रिया आगे बढ़ी, परंतु बाद में मामला पुनः उलझ गया। अब उच्च न्यायालय द्वारा 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की पुरानी व्यवस्था बहाल करने संबंधी निर्णय देने के उपरांत लंबित नियुक्तियों का मामला और अधिक जटिल हो गया है। इन लंबित नियुक्तियों का त्वरित व न्यायसंगत समाधान निकालना वर्तमान में सरकार के समक्ष एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है।
आयोग की दोहरी परीक्षा योजना
युवा वर्ष के दौरान भर्ती प्रक्रिया को तीव्र गति देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग अब वर्ष में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है। आयोग की इस नई पहल से विभिन्न विभागों के लगभग 1,200 पदों पर नई भर्तियों का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार ही सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भर्ती रोडमैप निर्मित किया है। मुख्यमंत्री इस संपूर्ण रूपरेखा का अवलोकन कर चुके हैं तथा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आगे की आवश्यक कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार संयुक्त परीक्षा प्रणाली तथा ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया को अपनाकर चयनित युवाओं की पदस्थापना समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तत्पर है।