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MP Election: 'दागदारों' के सामने झुकी कांग्रेस, जिसके बेटे ने किरकिरी कराई उसे फिर टिकट, BJP की दूरी बरकरार

सार

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए चार प्रत्याशियों को टिकट बदल दिए हैं। पार्टी ने दो वर्तमान विधायकों के टिकट सर्वे रिपोर्ट और उनकी छवि के आधार पर काटे थे। अब उनको दोबारा प्रत्याशी बना दिया गया है। वहीं, ऐसे नेताओं से भाजपा की दूरी बरकरार हैं।
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MP Election 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 230 और भाजपा ने गुना-विदिशा सीट छोड़कर 228 उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। दोनों ही दलों में टिकट कटने से असंतुष्ट नेता पार्टी से बगावत कर टेंशन बढ़ा रहे हैं। इसको देखते हुए कांग्रेस ने बुधवार को चार प्रत्याशियों को बदल दिया। इसमें सुमावली से कुलदीप सिकरवार का टिकट काट कर वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह, बड़नगर से राजेंद्र सिंह सोलंकी का टिकट बदलकर वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल, जावरा में हिम्मत श्रीमाल का टिकट काटकर वीरेंद्र सिंह सोलंकी और पिपरिया में गुरु चरण का टिकट काट कर वीरेंद्र बेलवंशी को टिकट दिया है। 
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सुमावली विधायक जमीन फर्जीवाड़े में दोषी 
सुमावली में वर्तमान विधायक अजब सिंह कुशवाह का टिकट काट कर कुलदीप सिकरवार को दे दिया था। टिकट कटने से नाराज कुशवाह ने कुर्ता फाड़कर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही उन्होंने बसपा ज्वाइन कर ली थी। इससे सुमावली में कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। जिसके बाद कांग्रेस को अपना निर्णय बदलते हुए अजब सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाना पड़ा। कुशवाह को जमीन फर्जीवाड़े मामले में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। उन पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप लगा था। 

MLA के बेटे की वजह से पार्टी की किरकिरी
बड़नगर से वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काट दिया था। उनकी जगह पर राजेंद्र सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था। मोरवाल के बेटे पर कांग्रेस नेत्री ने दुष्कर्म का आरोप लगा था। उसकी गिरफ्तारी पर पार्टी ने इनाम भी घोषित किया था। बाद में पार्टी ने गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में कांग्रेस की बहुत फजीहत हुई थी। इसी वजह से मोरवाल का टिकट कटना माना गया था। अब उनके समर्थकों के विरोध के बाद पार्टी ने उनको दोबारा प्रत्याशी बना दिया है। 
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पार्टी विरोधी काम करने पर निष्कासित
जावरा में पार्टी ने वीरेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट दिया है। यहां पर पहले हिम्मत सिंह श्रीमाल को प्रत्याशी बनाया था। वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य किया था। इसकी वजह से जून 2022 में उनको पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने बाद में उनका निष्कासन रद्द कर दिया था। श्रीमाल को टिकट मिलने के बाद उनका विरोध शुरू हो गया था, जिसके बाद वीरेंद्र सोलंकी को दोबारा टिकट दिया गया है। 

भाजपा ने विवादित MLA के काटे टिकट 
पेशाब कांड के बाद सीधी MLA का टिकट काटा 
सीधी से वर्तमान भाजपा विधायक केदार नाथ शुक्ला का पार्टी ने टिकट काट दिया है। यहां पर सांसद रीति पाठक को अपना उम्मीदवार बनाया है। सीधी में आदिवासी पेशाब कांड के कारण भाजपा की जमकर फजीहत हुई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आदिवासी को भोपाल बुलाकर पैर तक पखारने पड़े थे। इसके चलते ही केदार नाथ शुक्ला का टिकट काटा गया है। अब शुक्ला ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। 

- पटवारी परीक्षा में भिंड MLA का नाम, BJP की 'ना' 
भिंड से वर्तमान विधायक संजीव सिंह कुशवाह का पार्टी ने टिकट काट दिया है। यहां पर पार्टी ने पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। वर्तमान विधायक संजीव सिंह कुशवाह का नाम पटवारी भर्ती परीक्षा घोटाले में सामने आया था। कुशवाह के ग्वालियर स्थित कॉलेज से सात टॉपर निकले थे, जिसके बाद से वह विवादों में घिरे हुए थे। उन्होंने 2018 का चुनाव बसपा के चिन्ह पर लड़कर जीत हासिल की थी। 

- बैट मार इंदौर विधायक आकाश का टिकट कटा 
इंदौर-3 से भाजपा ने राकेश गोलू शुक्ला को मैदान में उतारा है। यहां से वर्तमान विधायक आकाश विजयवर्गीय का टिकट काट दिया है। आकाश 2019 में नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट मारने से सुर्खियों में आए थे। इस बल्ला कांड की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना से भाजपा के दिग्गज नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। ऐसे में आकाश विजयवर्गीय का टिकट बल्ला कांड की वजह से कटने की भी बात सामने आ रही हैं। हालांकि आकाश के पिता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 से प्रत्याशी बनाया गया है। 
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