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MP Election 2023: चंबल से लेकर भोपाल तक कांग्रेस के अंदर तूफान, बागी बढ़ाएंगे दिग्गी और नाथ की मुश्किलें

Sat, 21 Oct 2023 01:33 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की दूसरी लिस्ट आने के बाद चंबल से लेकर भोपाल तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस के बागियों के साथ ही सपा, बसपा और आप कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं। 
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कांग्रेस में बगावत ने बढ़ाई टेंशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस के 229 प्रत्याशियों के एलान के बाद विरोध प्रदर्शन के साथ बागियों की संख्या बढ़ते जा रही है। वहीं, इसके अलावा सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचाएंगी। कांग्रेस डैमेज कंट्रोल की बात कर रही है, लेकिन फिर भी आगामी चुनाव में पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस में बुरहानपुर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, बुदनी, सुमावली समेत कई जगह विरोध प्रदर्शन के साथ ही पुतला फूंका जा रहा है। भाजपा में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का पुतला फूंका गया है।  दूसरी तरफ भाजपा में भी विरोध के सुर उठे, लेकिन पार्टी ने काफी हद तक डैमेज कंट्रोल कर लिया। 
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कांग्रेस के बागी भी काटेंगे वोट 
कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से बागी नेता भी मुश्किलें बढ़ाएंगे। इसमें कई नेता सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह स्थिति कुछ जगह पर भाजपा के साथ भी है, लेकिन कांग्रेस से कम हैं। विंध्य में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ रीवा जिले में कई कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस छोड़ दी है। साथ ही पूर्व विधायक फुंदर लाल चौधरी ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली। कांग्रेस छोड़कर पूर्व विधायक यादवेंद्र बसपा में शामिल हो गए हैं। बसपा ने उनको सतना जिले की नागौद सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस से टिकट कटने से अजब सिंह कुशवाह भी अपने समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हो गए।  
 
सपा, बसपा और आप भी बिगाड़ेगी खेल
विपक्षी पार्टियों के गठबंधन इंडिया में प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच रॉर सामने आ गई है। पिछले चुनाव में सपा ने एक सीट जीती और 6 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। जानकारों का कहना है कि बुंदेलखंड और ग्वालियर चंबल में सपा का अच्छा खासा प्रभाव है। पूर्व सीएम कमलनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी से वोटरों में नकारात्मक मैसेज गया है। इसका नुकसान कांग्रेस को  हो सकता है। वहीं, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी के बीच वोट बंटने से भी भाजपा और कांग्रेस के वोट कटेंगे। इसमें कांग्रेस को ही ज्यादा नुकसान हो सकता है। 
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कांग्रेस ने आमला सीट की है होल्ड 
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बैतूल जिले की आमला सीट को छोड़कर बाकी जगह टिकट घोषित कर दिए हैं। इसमें कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग के 62 प्रत्याशी बनाए हैं। वहीं, 30 महिलाओं को टिकट दिया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग के 35 और अनूसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 48 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 50 से कम उम्र के 99 प्रत्याशी कांग्रेस की तरफ से जारी टिकट में 50 साल से कम उम्र के 99 और 60 साल से कम उम्र के 178 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया है। बता दें, प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान है। 3 दिसंबर को मतगणना होगी
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