भाजपा की चौथी लिस्ट जारी होने के बाद कटनी जिले के मुड़वारा विधानसभा में बीजेपी नेताओं की नाराजगी समाने आने लगी है। विनय ज्योति दीक्षित निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कह चुकी हैं, अब समाजसेवी और दिग्गज नेताओं में शुमार संतोष शुक्ला ने निर्दलीय और कांग्रेस से चुनाव लड़ने की बात कही है।
बता दें कि संतोष शुक्ला कांग्रेस और भाजपा से अलग-अलग क्षेत्र से चार बार पार्षद रह चुके हैं, वहीं पिछले पंचवर्षी नगर निगम अध्यक्ष के पद में भी रह चुके थे। बावजूद इसके पार्टी से बगावत की बात करते नजर आ रहे हैं। संतोष शुक्ला ने बताया कि हाल ही में हुए महापौर चुनाव ने विधायक संदीप जायसवाल द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति सूरी के पक्ष में काम किया बावजूद इसके भाजपा ने उन्हें टिकट दे दिया। इनका पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने मुझे भी पार्षदी हराने के लिए काम किया था, लेकिन जनता का प्रेम रहा कि उन्होंने मुझे चुन लिया।
आपको बता दें संतोष शुक्ला हों या विनय ज्योति दीक्षित, दोनों ही पूर्वमंत्री संजय पाठक के ख़ेमे के लोग माने जाते हैं। उनका विधायक संदीप जायसवाल के टिकट मिलते ही विरोध में उतरना कहीं न कहीं बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकता है। फिलहाल मुड़वारा विधानसभा चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस या अन्य दलों के बीच न होकर बीजेपी वर्सेस बीजेपी के बीच देखा जा रहा है। देखना ये है चुनाव से पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में बैठे लोग रूठे को मानने में सफल होंगे या इसका फ़ायदा कांग्रेस उठा लेगी।