कूनो नेशनल पार्क चीतों के स्वागत के लिए तैयार
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चीता प्रोजेक्ट के तहत श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए बनाए बाड़े में तेंदुए घुस गए हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चीतों को जंगल में छोड़ने से पहले बाड़े में रखा जाएगा।
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ पीके वर्मा ने सोमवार को बताया कि चीतों के लिए 500 हेक्टेयर में एक बाड़ा बनाया गया है। जिसमें 10 अलग-अलग कंपार्टमेंट हैं। उन्होंने बताया कि चीतों के बनाए बाड़े में तीन तेंदुए हैं। जिनको निकालने के लिए टीमें लगी हुई हैं। वर्मा ने बताया कि चीतों के लिए कूनो नेशनल पार्क तैयार है। कुछ एडिशनल बताए काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कूनो में दिल्ली और देहरादून से एक्सपर्ट भी आए हैं।
चीतों को कूनो पहुंचाने की तारीख पर वर्मा ने कहा कि हमें अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से कोई तारीख नहीं मिली है। ना ही अभी हमारे पास ट्रेवल समेत उनका कोई प्लान आया है।
भारत के जंगलों में 7 दशक बाद फिर चीते दौड़ेंगे। इन चीतों को नामीबिया से लाया जा रहा है। अंतरमहाद्वीप से लाकर बसाने के कारण चीतों को पहले बाड़े में रखा जाएगा। उनके यहां के व्यवहार को देखा जाएगा। एक बार यहां के वातावरण से घुल मिल जाने पर चीतों को खुले जंगलों में छोड़ा जाएगा।
अभी कूनो नेशनल पार्क में 8 से 10 चीतों को लाया जा रहा है। बता दें चीता दुनिया में सबसे तेज दौड़ता है। भारत में अंतिम चीता 1947 में कोरिया इलाके में देखा गया था। इसके बाद 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था।