महाराष्ट्र के मुम्बई में रहने वाली एक महिला ने अपनी विवाहित बेटी को मात्र 10 हजार में बेचने दिया।
इस का खुलासा भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसौदा में दिल्ली पुलिस द्वारा मारे गये छापे में महिला के पकडे जाने के बाद हुआ।
दिल्ली पुलिस महिला को अपने साथ ले गई। गोहद के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि मुम्बई निवासी आशादेवी की शादी 6 साल पहले दिल्ली निवासी हरकिशन के साथ हुई थी।
तब आशा देवी की की उम, 20 वर्ष थी और हरकिशन 40 था।
अपने से दुगनी उम, होने के कारण वह पति के साथ खुश नहीं थी। शादी के बाद भी वह ज्यादातर अपनी मां के पास ही मुम्बई रहती थी।
इस दौरान आशादेवी की मां की मुलाकात भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसौदा निवासी रामवीर से हुई। वह मुम्बई में बेकरी का काम करता था।
आशादेवी की मां ने अपनी विवाहित बेटी का सौदा रामवीर से 10 हजार रुपए में तय कर दिया।
बकायदा कराया स्टांप
रामवीर ने जब आशादेवी को खरीदा तो बकायदा स्टाम्प पर लिखा पढ़ी करवा ली थी। दो माह से वह रामवीर के साथ ग्राम सिरसौदा में अपनी डेढ माह की बच्ची किरन के साथ रह रही थी।
उधर दिल्ली निवासी हरकिशन ने अपनी पत्नी के गुम होने की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करा दी थी। जांच पड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस के एएसआई अनंतदत पुलिसबल के साथ आये और आशादेवी को अपने साथ दिल्ली ले गए।