जिले में हर्ष फायरिंग की घटनाओं को रोकने के लिए धारा-144 लागू की गई है। यदि किसी भी गार्डन से हर्ष फायरिंग की घटना सामने आती है, तो संबंधित गार्डन संचालक के साथ वर-बधू पक्ष के माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यहां उल्लेखनीय है कि, चंल अंचल में शादी समारोह के दौरान रायफल होना एक बहुत ही प्रतिष्ठा की बात मानो जाती है। कंधे पर बंदूक टांगकर बारात में जाना, यहां के लोगों का शौक ही नहीं है, बल्कि वे इसे अपना स्टेटस भी मानते हैं। बिना रायफल धारी के बारात भी सूनी मानी जाती है।