आजकल ऑनलाइन ठगी की वारदातें बढ़ती जा रही है। शातिर ठग इंटरनेट के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं। लोगों को इस तरह बातों में उलझाते हैं कि वे उन पर यकीन कर लाखों रुपए गंवा बैठते हैं। ऐसे मामले रोज सामने आते हैं लेकिन लोग फिर भी नहीं समझ पाते और नए तरीके से ठगी का शिकार हो जाते हैं।
इंदौर में ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें पुलिस की मदद से पीड़ित को रुपए वापस दिलवाए गए। योगेश पिता महेंद्र सिंह वर्मा ने क्राइम ब्रांच के सायबर हेल्पलाइन नंबर पर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। उसके साथ 1.16 लाख रुपए की ठगी हुई है। योगेश सोनीपत, हरियाणा का रहने वाला है। वह कंपनी के काम से इंदौर आया था। इंदौर में यात्रा डॉट कॉम के कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर सर्च किया। इसी से ठग से संपर्क हुआ। ठग ने बातों में उलझाया और विश्वास में लेकर योगेश के मोबाइल नंबर पर टीम व्युअर एप डाउनलोड करवा दिया। इसके बाद उसके मोबाइल का एक्सेस ठग के पास आ गया। उसने 50 हजार रुपए से एचडीएफसी बैंक में एफडी खोल दी। इसमें ठगों ने अपना मोबाइल नंबर लिंक किया था ताकि कभी भी एफडी तुड़वाकर दूसरे खाते में ट्रांसफर करवा सके। इसके बाद ठगों ने 65,999 रुपए और निकाले और अमेजन पर ऑर्डर कर दिया।
पुलिस ने रद्द करवाया ऑर्डर
खाते से रुपए निकलने पर योगेश के होश उड गए। क्राइम ब्रांच की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सेल ने अमेजन एप के अधिकारियों से समन्वय कर ऑर्डर कैंसल करवाया और आवेदक के खाते में 65,999 रुपए वापस जमा करवाए। एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों से संपर्क कर ठगों की एफडी को भी आवेदक के खाते में जमा करवाया। इस तरह 1,15,999 रुपए वापस आवेदक को दिलवाए।
पॉलिसी प्रीमियम जमा करने के नाम पर ठगे 70 हजार
एक अन्य मामले में गोपाल पिता बैजनाथ गुप्ता ने शिकायत की थी कि बजाज लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम जमा करने के नाम से 70 हजार ठग लिए गए। जांच में पता चला कि बजाज लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्रीमियम जमा करने के नाम से दो पॉलिसी के लिए रुपए ट्रांसफर करवाए गए। न्यू पॉलिसी बॉन्ड बनाया। पॉलिसी के संबंध में शिकायत एक माह में करनी होती है, पर ठग ने झूठा आश्वासन देकर शिकायत नहीं करने दी। पुलिस ने दोनो पॉलिसी के मामले में संबंधित कंपनियों से संपर्क कर आवेदक की बिना अनुमति के बनाई गई दोनों पॉलिसी को बंद करवाया और पीड़ित को वापस रुपए दिलवाए।
किसी से शेयर न करें पासवर्ड
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अंजान व्यक्ति द्वारा फोन, मैसेज व सोशल मीडिया के माध्यम से सपंर्क कर बैंक खाता, क्रेडिट कार्ड, वॉलेट एवं यूपीआई पिन व पॉलिसी की जानकारी न दें। साथ ही किसी भी अनजान एप्लीकेशन को डाउनलोड कर एक्सेस पासवर्ड शेयर न करें अन्यथा आप ठगी के शिकार हो सकते हैं। इस तरह की घटना की सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाने पर दें या क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा संचालित 7049124445 पर सूचित करें।