सार
दंत रोगियों के इलाज के लिए नौ जून 2020 को लाखों रुपये के उपकरण व मशीन आदि राज्यस्तर से प्रदान किए गए थे, लेकिन किसी भी उपकरण व मशीन का उपयोग दंत रोगियों के लिए नहीं किया गया। जिला चिकित्सालय में आने वाले दंत रोगी सुविधा से वंचित रहे।
शहडोल जिला अस्पताल में मशीन व उपकरणों की हेराफेरी
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शहडोल के कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय की डेंटल यूनिट की मशीनों व उपकरणों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पांच दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि, रिपोर्ट तय समय सीमा के बाद भी नहीं मिली है।
बताया गया है कि शहडोल जिला अस्पताल की दंत चिकित्सा इकाई के लिए दो साल पहले मशीन एवं उपकरण मंगवाए गए थे। सरकारी पैसे से मंगवाई गई मशीन व उपकरणों को हेराफेरी कर गायब कर दिया गया था। इसकी शिकायत स्वास्थ्य संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं से की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच शुरू हो गई है। इसके लिए सीएमएचओ को संचालनालय ने आदेश जारी किए हैं।
दंत रोगियों के इलाज के लिए नौ जून 2020 को लाखों रुपये के उपकरण व मशीन आदि राज्यस्तर से प्रदान किए गए थे, लेकिन किसी भी उपकरण व मशीन का उपयोग दंत रोगियों के लिए नहीं किया गया। जिला चिकित्सालय में आने वाले दंत रोगी सुविधा से वंचित रहे। क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक ने 28 दिसंबर को जारी आदेश में पांच दिन के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सीएमएचओ ने दो सदस्यीय टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे।
पता नहीं कहां अटकी जांच रिपोर्ट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस पांडे का कहना है कि जांच रिपोर्ट अभी उन तक नहीं पहुंची है। सवाल यह उठता है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दो सदस्यीय टीम बनाकर जांच करने को कहा था, तो फिर रिपोर्ट कहां अटकी हुई है? तय अवधि में यह पेश क्यों नहीं की गई।