मध्यप्रदेश के मैहर की रहने वाली एमबीबीएस छात्रा की रूस में सड़क हादसे के दौरान मौत हो गई थी। उसके बाद मध्यप्रदेश की मोहन सरकार इस बेटी के पार्थिव शरीर को जल्द परिवार तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार की सहायता मांगी थी। शनिवार को सृष्टि का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंच गया है।
इकलौती बेटी की मौत का वज्राघात सहन कर रहे माता-पिता की नम आंखें बेटी की अंतिम झलक के लिए 10 दिन से इंतजार में रहीं। रशिया के उफा शहर में बीते शुक्रवार को सड़क हादसे में मृत मैहर की बेटी सृष्टि शर्मा (22) पिता डॉ. रामकुमार शर्मा का शव शनिवार यानी 19 अक्तूबर को मैहर पहुंचा है। मध्यप्रदेश सरकार की पहल पर सृष्टि का शव भारत लाया गया है। पार्थिव शरीर पहले दिल्ली पहुंचा था। उसके बाद मध्यप्रदेश सरकार की ओर से एयर एंबुलेंस के माध्यम से सतना हवाई पट्टी लाया गया। मैहर में सृष्टि का अंतिम संस्कार किया गया है। मैहर की रहने वाली सृष्टि शर्मा रूस के उफा में बश्किर स्टेट यूनिवर्सिटी में चौथे साल की मेडिकल छात्रा थी, जिसकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि रूस में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के मैहर जिले की रहने वाली एमबीबीएस की छात्रा सृष्टि शर्मा पुत्री डॉ. रामकुमार शर्मा की कुछ दिनों पहले सड़क दुर्घटना में मृत्यु का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ था। मध्यप्रदेश सरकार बेटी के पार्थिव शरीर को यथा शीघ्र परिवार तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार की सहायता से प्रयासरत थी। आज सृष्टि बिटिया का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा। दिल्ली से मध्यप्रदेश शासन की ओर से एयर एंबुलेंस के माध्यम से सतना हवाई पट्टी लाया गया।
मुख्यमंत्री ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मैं गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत पुण्ययात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें, शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
कैसे हुआ था हादसा?
सृष्टि छुट्टियों में अपने दोस्तों के साथ सफर कर रही थी, तभी उनकी कार का एक पहिया निकल गया था और कार का दरवाजा खुल गया, जिससे सृष्टि सड़क पर गिर गई। इस घटना में सृष्टि की मौत हो गई थी, मैहर की उसकी एक सहपाठी जोया के माध्यम से इस घटना की जानकारी उसके परिवार तक पहुंची। सृष्टि के शव को भारत लाने के लिए परिजनों ने प्रयास किए, जिस पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और यह प्रयास सफल हुआ है।