शहर के मुखर्जी चौक स्थित एसबीआई एटीएम के अंदर से पुलिस ने दो राजस्थानी युवक को पकड़ा। इनके कब्जे से 10 लाख रुपये नकदी से भरा बैग मिला। इनके पास तलाशी में चार-पांच एटीएम भी मिले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों युवक ने उक्त नकदी राजस्थान प्रतापगढ़ निवासी अली टीनवाला बोहरा द्वारा देना बताया है। कोतवाली पुलिस ने फिलहाल नकदी मालखाने में रख ली है। सोमवार को उक्त राशि आईटी अधिकारियों को सौंपी जएगी। आगे की जांच अब आईटी विभाग करेगा।
मंदसौर शहर कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि बीती रात सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक शहर के मुखर्जी चौक स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम में खड़े है। वहीं बार-बार अंदर-बाहर हो रहे है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक पूछताछ में मौके पर मिले युवकों ने अपना नाम केशव मीणा, रायला मीणा दोनों निवासी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान का होना बताया। इनके पास से पुलिस को प्रारंभिक जांच में तीन से चार एटीएम मिलें। पुलिस को शंका हुई कि दोनों राजस्थानी किसी वारदात को अंजाम देने वाले तो नही थे। इसी दौरान एटीएम कक्ष के अंदर इनके द्वारा रखा गया करीब 10 लाख रूपए से भरा बैग भी मिला। इसके बाद पुलिस युवकों से पूछताछ में जुटी और नगदी को जब्ती में लिया।
अली बोहरा ने भेजा था 10 लाख देकर
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में राजस्थानी युवकों ने बताया कि उन्हें ये राशि एटीएम में टुकड़ों-टुकड़ों में डालने के लिए प्रतापगढ़ निवासी व्यापारी अली टीनवाला बोहरा ने दी है। इसके बाद अली बोहरा को बुलाकर पूछताछ की गई। अली ने उक्त राशि स्वयं की होना स्वीकार किया। लेकिन पुलिस के सामने नगदी के पुख्ता दस्तावेज पेश नही कर पाया। सूत्रों की माने तो अली बोहरा ने इस दौरान लेन-देन कर मामला निपटाने का प्रयास भी किया। मामला पूरी तरह से जम नही पाया। नगदी पुलिस ने जब्ती में ले ली।
10 लाख क्यों दिए बड़ा सवाल?
अली बोहरा ने आखिर दो राजस्थानी युवक को 10 लाख रुपये नगद क्यों दिए? आखिर उक्त राशि टुकड़े-टुकड़े में किसके खातें में डाली जा रही थी? कहीं हवाला कारोबार का पैसा तो नही था? आखिर दो युवक पर इतना बड़ा भरौसा क्यों दिखाया? ऐसे कई सवाल है जो सोमवार को आईटी विभाग के जहन में भी होंगे। फिलहाल पुलिस अधिकारी के पास इसका जवाब नहीं मिला?