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Mandla News: जबलपुर जमीन घोटाला,नैनपुर के तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे पर FIR, ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई

Sun, 08 Feb 2026 06:02 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

 Mandla News: मंडला की नैनपुर तहसील के तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे और अखिलेश मेबन पर 3.5 करोड़ की सरकारी जमीन हड़पने का आरोप लगा। EOW, जबलपुर ने धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार की धाराओं में FIR दर्ज किया है।  
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जबलपुर जमीन घोटाला,3.5 करोड़ की सरकारी जमीन हड़पने वाले नैनपुर तहसीलदार पर FIR, EOW का शिकंजा
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में प्रशासनिक महकमे को हिला देने वाला एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। मंडला जिले की नैनपुर तहसील में वर्तमान में पदस्थ तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के खिलाफ जबलपुर में करोड़ों की सरकारी जमीन हड़पने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), जबलपुर द्वारा की गई है। EOW के अनुसार, तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमैन अखिलेश मेबन के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश रची और नगर निगम की कीमती सरकारी जमीन को नियमों की अवहेलना कर अपने नाम करा लिया।

2022 से 2024 के बीच रची गई साजिश

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EOW की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच का है। उस समय हरि सिंह धुर्वे जबलपुर जिले की अधारताल तहसील में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने नगर निगम द्वारा शैक्षणिक कार्य के लिए रियायती दर पर लीज पर दी गई लगभग 7,500 वर्गफुट सरकारी जमीन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और सक्षम अनुमति के अपने नाम करवा लिया।

3.50 करोड़ की सरकारी जमीन, नियमों की खुलेआम अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपए है। आरोपियों ने नगर निगम की अनुमति के बिना उसी जमीन पर अस्पताल का निर्माण भी करवा दिया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला

शिकायत की विस्तृत जांच के बाद EOW जबलपुर ने तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे और अखिलेश मेबन के खिलाफ,

  • IPC धारा 420 (धोखाधड़ी),

  • IPC धारा 408 (आपराधिक विश्वासघात),

  • IPC धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र),

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7-सी के तहत FIR दर्ज की है।

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EOW की जांच जारी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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EOW का कहना है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और घोटाले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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