मध्यप्रदेश के शहडोल में अपनी पत्नी का धर्म बदलने की कोशिश करने के आरोप में एक व्यक्ति को मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 की धाराओं के तहत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया है। इस मामले पर धनपुर के एसडीओपी भरत दुबे ने कहा, 'वे 2018 से एक साथ रह रहे हैं।'
एसडीपीओ भरत दुबे के मुताबिक, 27 नवंबर को पीड़िता अपने पिता के घर लौटी थी। इसके बाद इरशाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी को परिवारवालों ने जबरन बंधक बनाकर रखा है। हालांकि पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इरशाद उसे प्रताड़ित करता है और वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है।
दुबे ने बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि इरशाद उस पर इस्लाम अपनाने और उर्दू व अरबी सीखने को लेकर दबाव बनाता था। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 498ए और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता कानून की धारा 3,4 और 5 के तहत के दर्ज किया।
हाल ही में राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा की थी कि सरकार जबरन धर्मांतरण के खिलाफ अगले विधानसभा सत्र में कानून लाएगी, जिसमें पांच साल की सजा का प्रावधान किया जाएगा।