जिले के रामनगर स्थित सिविल अस्पताल परिसर को हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ आयुर्वेद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की गई है। अस्पताल परिसर में 200 से अधिक औषधीय पौधों का हर्बल गार्डन विकसित किया गया है। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की पहल से तैयार इस गार्डन में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन पौधों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी भी परिसर के स्तर पर निभाई जा रही है।
200 से अधिक औषधीय पौधों का संग्रह
रामनगर सिविल अस्पताल परिसर में तैयार हर्बल गार्डन में 200 से अधिक प्रकार के औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण के माध्यम से इस गार्डन को विकसित किया जाए। साथ ही भविष्य में इन पौधों का उपयोग आयुष केंद्र की गतिविधियों में करने की योजना है।
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पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अस्पताल परिसर को स्वच्छ और हरियाली से भरपूर बनाए रखने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हर्बल गार्डन विकसित किया गया है, जहां औषधीय पौधों के साथ पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अस्पताल परिसर में हरियाली बढ़ने से आसपास का वातावरण अधिक सुंदर दिखाई देने लगा है। इस पहल के जरिए मरीजों और उनके परिजनों को भी पौधों तथा पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र
रामनगर सिविल अस्पताल में बनाया गया हर्बल गार्डन मरीजों और उनके परिजनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। परिसर में लगाए गए पौधों से अस्पताल का वातावरण अधिक हरा-भरा नजर आता है। स्थानीय स्तर पर भी इस पहल की सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर हरियाली बढ़ाने से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहन मिलता है।
रामनगर सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. शिव सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से हर्बल गार्डन विकसित किया गया है। इसमें 200 से अधिक औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जिनका संरक्षण और देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में इन पौधों का उपयोग आयुर्वेद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में करने की योजना है। अस्पताल प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेद और औषधीय पौधों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।