वर्ष 2008 के विधानसभा चुनावों से पूर्व किये गये परिसीमन से वजूद में आयी राऊ सीट पर हुआ पहला चुनाव भाजपा नेता जीतू जिराती ने जीता था। तब उन्होंने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी कांग्रेस उम्मीदवार जीतू पटवारी को 3,821 मतों के अंतर से हराकर इस सीट से पहला विधायक चुने जाने की उपलब्धि हासिल की थी।
बहरहाल, वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के जीतू पटवारी ने भाजपा के जीतू जिराती को 18,559 मतों से हराकर पुराना हिसाब चुकता कर लिया था। यानी राऊ सीट के मतदाताओं ने अब तक हुए तीनों चुनावों में "जीतू" नाम के उम्मीदवार पर ही भरोसा जताया है।
जीतू पटवारी और जीतू जिराती में अहम समानता यह भी है कि दोनों के पिताओं का पहला नाम "रमेशचंद्र" है। यही नहीं, अलग-अलग पार्टियों के दोनों ही नेता उस खाती समुदाय से ताल्लुक रखते हैं जिसके मतदाता राऊ विधानसभा क्षेत्र में किसी भी उम्मीदवार की चुनावी हार-जीत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।