जानकारी के मुताबिक, आरोपी किशोर एवं बालिका एक ही गांव के रहने वाले हैं। दोनों एक-दूसरे से परिचित थे और आपस में बोलचाल भी थी। अदालत ने धारा 376 (3) एवं 366 के लिए आरोपी किशोर को दोषी पाया। तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
...इसलिए नहीं थी कड़ी सजा
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बाल दोषी को वृद्धाश्रम में छह माह तक सेवा करनी होगी। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक बीएम शर्मा ने की। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी सतीश कपस्या ने बताया आरोपी की उम्र 16 वर्ष के आसपास है, इसलिए मामला स्पेशल कोर्ट में पहुंचाया गय। यहां आरोपी की किशोरावस्था को देखते हुए न्यायालय ने कठोर सजा नहीं दी। अदालत ने जुर्माना एवं वृद्धाश्रम में सेवा करने की सजा सुनाई।