मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति का विरोध शुरू हो गया है। शराबबंदी और नशाबंदी की मांग कर रही प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा है कि मध्य प्रदेश में शराबबंदी होकर रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका अभियान राज्य सरकार के खिलाफ नहीं है। यह अभियान शराब और नशे के खिलाफ है।
पिछले दिनों शिवराज सिंह चौहान सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है। शराब 20 प्रतिशत तक सस्ती होने वाली है। पिछले महीने उमा भारती ने शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर शराबबंदी की मांग की थी। इसके विपरीत जब राज्य सरकार ने शराब सस्ती करने का फैसला किया तो कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की। उमा भारती ने सोशल मीडिया पर शुक्रवार को लिखा कि गंगासागर तक निर्विघ्न पहुंचाने के लिए हरिद्वार में जप चल रहा है। इसकी पूर्णाहुति 14 फरवरी को होगी। जब तक मैं गंगा अभियान में संलग्न थी, मध्यप्रदेश में पूर्ण शराबबंदी, नशाबंदी अभियान प्रारंभ करने में कठिनाई थी। उन कठिनाई के कुछ हिस्से अभी भी मौजूद हैं - 1) कोरोना के नए वेरियंट के चलते जनभागीदारी नही हो सकती। 2) इस अभियान में राजनीतिक निरपेक्ष लोग ही भागीदारी करें। यह निश्चित करना चुनौतीपूर्ण कार्य हैं। हमारा शराबबंदी, नशाबंदी का अभियान सरकार के खिलाफ नही हैं, शराब और नशे के खिलाफ हैं।
सरकार में बैठे लोगों को समझाना कठिन काम
उमा भारती ने लिखा कि भाजपा, कांग्रेस और सरकार में बैठे हुए लोगों को समझा पाना भी एक कठिन काम हैं। इन सब कारणों से अभियान के प्रारंभ से अभियान के पूर्णता तक मुझे स्वयं पूरी तरह से सजग एवं संलग्न रहना होगा, जिसके लिए मैं तैयार हूं। इस संबंध में मेरी प्रथम चरण की बातचीत संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवकों, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हो चुकी है। अगला चरण 14 फरवरी के बाद शुरू होगा। शराबबंदी, नशाबंदी मध्यप्रदेश में होकर रहेगी। जय गंगा मैया। जय जगन्नाथ।