बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने में मध्य प्रदेश के दो जिले टॉप पर हैं। उज्जैन और जबलपुर में सबसे बेहतर कानून व्यवस्था है। इन दोनों जिलों को ए कैटेगरी अच्छा प्रदर्शन करने वाली श्रेणी में शामिल किया गया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और सागर भी ए कैटेगरी में संतोषप्रद प्रदर्शन की श्रेणी में शामिल किया गया है। ए कैटेगरी में उन जिलों को शामिल किया गया है, जिनमें कानून व्यवस्था नियंत्रित है।
जिलों की रैंकिग शासन की प्राथमिकता वाले अलग-अलग विषयों पर पुलिस विभाग द्वारा किए गए कामों के आधार पर तय की जाती है। रैंकिग के लिए शासन की तरफ से तीन ग्रेड बनाए गए हैं। हर ग्रेड में दो भाग हैं, जिनमें एक रैंक अच्छे प्रदर्शन की और दूसरी रैंक संतोषप्रद प्रदर्शन की है।
ए कैटेगरी
वो जिले ए कैटेगरी में शामिल किए जिनमें कानून व्यवस्था अच्छी या संतोषजनक होती है।
बी और सी कैटेगरी
बी और सी कैटेगरी में वो जिले शामिल किए जाते हैं, जो अच्छा प्रदर्शन, संतोषप्रद प्रदर्शन या सामान्य प्रदर्शन करते हैं।
वर्तमान में 2021 के पूरे साल में की गई जिलों की परफार्मेंस के आधार पर रैंकिग जारी की गई है। जारी रैंकिंग में छह जिले ए कैटेगरी में शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों की परफार्मेंस पर चर्चा कर शासन की नई प्राथमिकताएं तय करेंगे।
24 जिलों को मिला बी ग्रेड
राज्य शासन द्वारा जारी रैंकिग में प्रदेश के 24 जिलों को बी ग्रेड में रखा गया है। इनमें गुना, बैतूल, छतरपुर अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों की श्रेणी में हैं। वहीं संतोषजनक प्रदर्शन वाले जिलों में शिवपुरी, देवास, छिंदवाड़ा, राजगढ़, खरगौन, कटनी, रतलाम, मंदसौर, नरसिंहपुर, टीकमगढ़,रायसेन, रीवा, शहडोल, होशंगाबाद, सतना, विदिशा, धार और खंडवा जिलों को शामिल किया गया हैं। सामान्य कैटेगरी में मुरैना, भिंड और सीहोर शामिल हैं।
22 जिलों को मिला सी ग्रेड
सी ग्रेड वाले जिलों में अशोकनगर, सिंगरौली, दतिया अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों की श्रेणी में शामिल हैं। वहीं सिवनी, दमोह, सीधी, पन्ना, बड़वानी, शाजापुर, झाबुआ, आगर मालवा, श्योपुर, अनूपपुर, डिंडोरी, हरदा, मंडला,उमरिया, बुरहानपुर, निवाड़ी संतोषप्रद प्रदर्शन करने वालों जिलों की श्रेणी में हैं। प्रदेश के तीन जिले बालाघाट, नीमच और अलीराजपुर सामान्य परफॉर्मेंस वाले जिलों में शामिल हैं।