मध्य प्रदेश के सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और शहडोल जिला अस्पताल (कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल) में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां तीन महीने के अंदर 105 मासूमों की मौत हो गई है।
पिछले तीन महीने में सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती 92 बच्चों की मौत हो चुकी है।अकेले नवंबर महीने की में 65 बच्चों की मौत हुई है। इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं, जो जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) वार्ड और शिशु वार्ड में भर्ती थे।
वहीं शहडोल जिला अस्पताल (कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल) में बीते 60 घंटे के अंदर 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 26 नवंबर से अब तक यहां 13 बच्चे दम तोड़ चुके हैं। शनिवार को एक और बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे को प्राइवेट क्लीनिक से जिला अस्पताल लाया गया था। इस मामले में सिविल सर्जन का कहना है कि बच्चा मृत अवस्था में ही आया था। वहीं प्राइवेट क्लीनिक के डॉक्टर का कहना है कि बच्चा गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बैठक
शहडोल में बच्चों की लगातार हो रही मौतों से भोपाल तक हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश की संचालक छवि भारद्वाज ने शनिवार सुबह ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ उप संचालक स्वास्थ्य ( रीवा) भी शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, इसमें माना गया कि बच्चों को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी। इधर बच्चों की मौत के मामले में डिप्टी डायरेक्टर रीवा की अगुआई में जांच करने आई स्वास्थ्य महकमे की संभागीय टीम ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
तीन नए बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक भेजे
कुशाभाऊ ठाकरे अस्पताल में हो रहे मासूमों के मौते के मामले में तीन नए बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को पदस्थ किया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश पांडे ने जयसिंहनगर में पदस्थ डॉ. राजेश तिवारी और मेडिकल कॉलेज शहडोल में पदस्थ डॉक्टर मनीष सिंह की ड्यूटी जिला चिकित्सालय के बाल्य रोग विभाग में लगाई है। इसके अलावा सेवानिवृत्त बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर उमेश नामदेव को पुनर्नियुक्ति की शर्तों के अधीन जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के आदेश जारी किए गए हैं। यह सभी चिकित्सक अब जिला चिकित्सालय शहडोल में अस्वस्थ बच्चों का इलाज करेंगे।
फील्ड हेल्थ वर्कर्स को चैकन्ना रहने की सलाह
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश की संचालक छवि भारद्वाज ने फील्ड हेल्थ वर्कर्स का ट्रेनिंग प्रोग्राम फिर से शुरू कराए जाने का निर्देश दिया है।यह ट्रेनिंग प्रोग्राम कोरोना संक्रमण के बीच ठप पड़ गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि आशा, ऊषा कार्यकर्ता व एनएनएम सहित फील्ड हेल्थ वर्कर्स का पूरा अमला ग्रामीण क्षेत्रों में बीमार पड़ रहे बच्चों पर विशेष नजर रखे। जो बच्चा बीमार पाया जाए, उसे चिकित्सकीय मदद उपलब्ध कराएं और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए। साथ ही लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और जागरूक करने पर भी जोर दिया।