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मध्यप्रदेश: राज्य सरकार का हाईकोर्ट में जवाब- शिक्षा विभाग में 27% ओबीसी आरक्षण देना कन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट नहीं 

Fri, 12 Nov 2021 06:38 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

शिक्षकों की भर्ती के मामले में मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि उसने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण देकर कोई गलत काम नहीं किया है। इस पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट नहीं बनता है।  
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर सबके लिए रोक नहीं लगाई है। ऐसे में शिक्षकों की भर्ती में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण देना कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका पर नोटिस के जवाब के तौर पर सरकार ने शुक्रवार को यह बात कही।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मथिमल तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच के सामने सरकार ने जवाब दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने पर रोक नहीं लगाई है। याचिकाकर्ता ने गलत तथ्यों के साथ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट याचिका लगाई है। राज्य सरकार के जवाब के बाद याचिका पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की गई है।

राजस्थान निवासी शांतिलाल जोशी सहित चार अन्य ने कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने छह याचिकाओं में प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने पर रोक लगाई है। रोक हटाने के आवेदन को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने याचिका पर अंतिम सुनवाई तय की है। इसके बाद भी राज्य सरकार ने उच्च-माध्यमिक शिक्षक पद के चयन में 27 ओबीसी आरक्षण तथा 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया गया है।
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याचिकाकर्ता की तरफ कहा गया था कि सामान्य प्रशासन विभाग ने महाधिवक्ता के अभिमत का हवाला देते हुए एक सर्कुलर जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट ने जिन प्रकरणों में रोक लगा रखी है उनके अलावा अन्य विभाग में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू किया जा सकता है। इस सर्कुलर के आधार पर लोक शिक्षण आयुक्त ने उच्च-माध्यमिक शिक्षक पद के चयन में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू कर अंतिम सूची जारी कर दी है। सरकार की ओर से अतिरिक्त अधिवक्ता आरके वर्मा तथा अधिवक्ता रामेश्वर सिंह उपस्थित हुए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की।
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