मध्यप्रदेश में सियासी संकट के बीच बागी हुए 22 कांग्रेसी विधायकों में छह के इस्तीफे शनिवार को स्वीकार कर लिए गए हैं। हालांकि सभी 22 विधायकों ने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को भेजे थे।
इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले ये विधायक अपने त्यागपत्र की पुष्टि के लिए शनिवार को भी विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश नहीं हुए। जबकि अध्यक्ष ने इन्हें खुद हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किए थे।
विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने कहा, 'रंग पंचमी होने के बावजूद भी मैंने उनके लिए समय निर्धारित किया। शुक्रवार के सात और शनिवार के छह विधायकों समेत कुल 13 विधायकों को आना था। मगर वे नहीं आए।' उन्होंने आगे कहा कि विधायकों के कुछ मुद्दे जरूर हैं। जो कागज मुझे मिले हैं, उन्हें लेकर मैं विधायकों को रखने या हटाने पर विचार कर रहा हूं।
विधायकों ने सुरक्षा की मांग की
कांग्रेस के बागी विधायकों ने शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र भेजकर सुरक्षा की भी मांग की है। कांग्रेस के 22 बागी विधायकों में से 19 विधायक बंगलूरू में हैं और सुरक्षा कारणों से वे वापस नहीं आ रहे हैं।