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मप्र: कोरोना जांच के नाम पर अस्पताल और लैब नहीं वसूल पाएंगे मनमाना पैसा, सरकार ने तय किए दाम

Tue, 06 Apr 2021 07:53 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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कोरोना की जांच के लिए नमूने लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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मध्यप्रदेश में कोरोना मरीजों के इलाज और कोविड जांच को लेकर हो रही मनमानी पर शिवराज सरकार ने लगाम लगा दी है। शिवराज सरकार ने सोमवार को कोरोना जांच के लिए अब दाम तय कर दिए हैं, जिसके चलते अब राज्य के निजी अस्पताल और लैब मरीजों से मनमाना पैसा नहीं वसूल सकेंगे।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश में कोरोना जांच की कीमतें नए सिरे से निर्धारित कर दीं गईं हैं। आदेश के मुताबिक, अब RT-PCR टेस्ट केवल 700 रुपये में होगा, जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 300 रुपये देने होंगे। घर पर जांच करवाने पर 200 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इस शुल्क में ट्रांसपोर्ट, पीपीई किट जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी। अस्पताल या लैब कोई अतिरिक्त शुल्क इसके अलावा नहीं ले सकेंगे।

निजी अस्पतालों को बरतनी होंगी ये सावधानियां 
निजी अस्पतालों और लैब को कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच एवं रैपिड एंटीजन टेस्ट के संबंध में भारत सरकार, राज्य सरकार और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से समय-समय पर निर्धारित किए गए प्रोटोकॉल एवं गाइडलाइन का पालन करना होगा। नमूने लेते समय ही संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर की पूरी जानकारी RT-PCR एप पर अपलोड की जाएगी। उक्त सूचना को गोपनीय रखा जाएगा। निजी अस्पताल और लैब में की गई कोरोना जांच की रिपोर्ट राज्य सरकार और आईसीएमआर के पोर्टल पर साझा की जाएगी। जांच की रिपोर्ट आते ही संबंधित मरीज को तत्काल सूचना दी जाएगी।

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सीएम शिवराज सिंह ने दिए थे संकेत

कोरोना जांच के दाम निर्धारित करने से पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि निजीअस्पतालों और लैब की मनमानी किसी भी सूरत में नहीं चलने दी जाएगी। सरकार इस बारे में विचार कर रही है।

विपक्ष ने उठाया था मुद्दा
बता दें कि एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही निजी अस्पतालों और लैब की मनमानी बढ़ गई थी। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने इस पर सवाल उठाया था कि निजी अस्पताल दो लाख तक का पैकेज कोरोना मरीजों से इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए। 
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