कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद राज्य सरकारों द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में पहले दो चरणों में स्कूल खोले गए हैं। 26 जुलाई को 11वीं और 12वीं क्लास को 50 फीसदी क्षमता के साथ खोलने का निर्णय लिया गया। वहीं, दूसरा चरण 1 सितंबर से 6वीं से 8वीं तक की सभी क्लासेस रोजाना (रविवार को छोड़कर) चलाया गया ।
कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद मध्यप्रदेश शासन ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है। 20 सितंबर से 50 फीसदी क्षमताओं के साथ क्लास शुरू होंगी। बच्चों के स्कूल आने के लिए पेरेंट्स से अनुमति जरूरी होगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं, आवासीय स्कूल में आठवीं, दसवीं और बारहवीं की कक्षा पूरी क्षमता के साथ चलेगी।
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आठवीं, दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए 100 फीसदी क्षमता के साथ हॉस्टल खुलेंगे। वहीं, 11वीं के छात्रों के लिए भी हॉस्टल की सुविधा रहेगी, लेकिन यहां पर सिर्फ 50 फीसदी क्षमताओं को ही रहने की अनुमति दी जाएगी।
कोरोना की दूसरी कमजोर पड़ने पर खुलेंगे स्कूल
कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने दो चरणों में स्कूल खोलने का निर्णय लिया। पहले चरण के तहत सरकार ने 26 जुलाई को स्कूल खोलने का एलान किया। जिसमें सबसे पहले 11वीं और 12वीं की कक्षा शुरू हुईं। कक्षा में 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे मौजूद नहीं होने की पाबंदी थी।
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सरकार ने दूसरे चरण के तहत 1 सितंबर से 6वीं से 8वीं तक की सभी क्लासेस रोजाना (रविवार को छोड़कर) चलने के निर्देश दिए। निर्देश में 50 फीसदी तक उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। बीते दिनों शिवराज सिंह कैबिनेट में इसे तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कक्षाओं में 50 फीसदी बच्चे उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे।