कथावाचक और वरिष्ठ पत्रकार पं. रमेश शर्मा ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और जीवन पद्धति को सभी समस्याओं का समाधान बताते हुए व्यक्तिगत, भोजन, पानी आदि की स्वच्छता संबंधी आदतों पर गौर फरमाने की सलाह दी। बौद्ध धर्मगुरु और बुद्ध भूमि धम्म्दूत संघ के अध्यक्ष भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने कहा कि ध्यान और योग के द्वारा भय और तनाव को कम किया जा सकता है। यह हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित करता है।
गुना के शहर काजी नुरुल्ला यूसुफजई ने कहा कि यह जरूरी है है कि हम किसी भी संक्रमित व्यक्ति को नजरअंदाज न करें और शारीरिक दूरी बनाए रखने तक ही अपने को सीमित करें। हमें सामाजिक और भावनात्मक दूरी नहीं बनानी है। लोगों को भावनात्मक सहयोग देकर भय, भेद-भाव और तिरस्कार की भावना को दूर किया जा सकता है। जमायते इस्लामी मध्यप्रदेश के डॉ. अजहर बेग ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए जमायते इस्लामी ने हर प्रकार का प्रयास किया है। स्वच्छता को बढावा देने के लिए इस्लामिक व्यवहार वुजू के महत्त्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने विभिन्न पंथों के सकारात्मक संदेशों को अपनाने की सलाह दी।
सिख पंथ की प्रतिनिधि नीरू सिंह ज्ञानी ने सिख गुरुओं की वाणी और कर्म का स्मरण करते हुए वर्तमान महामारी के दौर में सिख समुदाय के द्वारा किए गए राहत कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में और मध्यप्रदेश के अनेक स्थानों पर जरूरतमंदों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। उन्होंने भय और तनाव को दूर करने के लिए सामुदायिक प्रयासों पर बल दिया। इस अवसर पर सुश्री ज्ञानी ने सिख गुरुओं द्वारा अपनी आमदनी का 10 प्रतिशत सेवा कार्यों हेतु देने के संदेश का हवाला भी दिया।
स्पंदन संस्था के सचिव डॉ. अनिल सौमित्र ने धर्मगुरुओं का समाज को दिशा देने वाली शक्ति बताया। उन्होंने कहा के धर्मगुरू सर्वाधिक महत्वपूर्ण और प्रभावी संचारक हैं। इनके संदेशों का प्रभाव अपने समुदाय और अनुयायियों के साथ संपूर्ण समाज पर होता है। जरूरत इस बात की है कि सरकार, सामाजिक संगठन और मीडिया इनके प्रभाव का सकारात्मक उपयोग करे। धर्मगुरुओं का संदेश भेदभाव और घृणा के खिलाफ अचूक उपाय हो सकता है। हम आगे भी इनका सहयोग लेते रहेंगे।
इस संवाद का संचालन वरिष्ठ पत्रकार गिरीश उपाध्याय ने किया। इस ऑनलाइन संवाद में यूनिसेफ के संचार अधिकारी अनिल गुलाटी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. वंदना भाटिया, शिक्षा विशेषज्ञ एफ ए जामी, वैद्यराज अनिल डोगरा, रुपाली अवाधे, भाजपा प्रवक्ता नेहा बग्गा, रेणुका दूबे, नितिन भाटिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय अनेक प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी की।